राजस्थान

18 पुस्तकों का लोकार्पण, समाज में ज्ञान की रोशनी फैलाने की तैयारी

18 पुस्तकों का लोकार्पण: ज्ञान और अध्यात्म की चर्चा तेज। 18 पुस्तकों का संग्रह अब घर घर पहुंचाने की तैयारी। 51 पुस्तकों के अलग वितरण से भी पहल को मजबूती मिली।

By अजय त्यागी 1 min read
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पुस्तकों का लोकार्पण

बीकानेर राजस्थान। 18 पुस्तकों का लोकार्पण रविवार को रांगड़ी चौक स्थित सुगनजी महाराज के उपासरे में साध्वीश्री मुक्ताजंनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में हुआ। गच्छाधिपति आचार्य श्री मणिप्रभ सूरिश्वर जी महाराज के सुशिष्य उपाध्याय प्रवर मनीत प्रभ सागर जी म.सा. द्वारा रचित दी यूनिवर्सल टूर्थ नामक इस पुस्तक श्रृंखला को समाज तक पहुंचाने की पहल की गई है। अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद बीकानेर ने इसके सेट को घर घर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

जैसलमेर में लोकार्पण

18 पुस्तकों का लोकार्पण स्थानीय स्तर पर रविवार को हुआ लेकिन इस श्रृंखला का वृहद लोकार्पण पहले ही 7 मार्च 2026 को जैसलमेर में आयोजित चादर महोत्सव के दौरान गच्छाधिपति जी के कर कमलों से हो चुका है। अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद के अध्यक्ष अनिल सुराणा और मंत्री विक्रम सिंह भुगड़ी ने बताया कि अब बीकानेर में इन पुस्तकों को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। मकसद सिर्फ पुस्तक देना नहीं बल्कि लोगों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना है।

पुस्तकों के वितरण के लाभार्थी श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा और अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवक परिषद के राष्ट्रीय एवं बीकानेर शाखा के संरक्षक राजीव खजांची रहे। सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के अध्यक्ष महावीर सिंह खजांची, ज्ञान चंद सेठिया और नरेन्द्र पुगलिया आदि ने दोनों का साफा और श्रीफल से सम्मान किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने पुस्तक श्रृंखला को समाज में ज्ञान और संस्कार पहुंचाने की उपयोगी पहल बताया।

जीवन को समझने की दृष्टि

18 पुस्तकों का लोकार्पण ऐसे साहित्य को सामने लाने के उद्देश्य से किया गया है जिसमें अध्यात्म, जीवन मूल्य और सत्य को सरल भाषा में समझाने का प्रयास बताया गया है। आयोजकों के अनुसार यह संग्रह व्यक्ति को स्वयं को जानने, जीवन को बेहतर ढंग से समझने और सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा देता है। उनका मानना है कि जब ऐसा साहित्य घरों तक पहुंचेगा तो परिवारों में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

आयोजकों ने इसे केवल पुस्तकों के विमोचन और वितरण तक सीमित कार्यक्रम नहीं बताया। उनके अनुसार यह ज्ञान, चिंतन, संस्कार, जीवन दर्शन और आध्यात्मिक विचारों को समाज तक पहुंचाने का अवसर है। पुस्तकों के वितरण में श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के पूर्व अध्यक्ष निर्मल धारीवाल, मोहित धारीवाल और राजेश व धर्मेन्द्र खजांची परिवार ने अलग से 51 पुस्तकों के सेट के वितरण का लाभ लिया। लाभार्थी परिवार की अनुमोदना भी की गई।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रावक

18 पुस्तकों का लोकार्पण कार्यक्रम में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अजीत मल खजांची, सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के पूर्व मंत्री रतन लाल नाहटा, निर्मल पारख, राजेन्द्र लूणिया, महादेव सुराणा और फौजराज बांठिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पार्श्वनाथ जैन मंदिर से मनोज बांठिया, रविन्द्र बांठिया और अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में पहुंचे। खरतरगच्छ युवा परिषद और महिला परिषद की सदस्याओं के साथ ज्ञान वाटिका के बालक बालिकाओं ने भी सहभागिता की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं मौजूद रहे। खास आकर्षण वरिष्ठ श्रावक कन्हैयालाल भुगड़ी भी रहे जो 55 दिन से बिना अन्न जल के तपस्या कर रहे हैं। कार्यक्रम में उनकी तपस्या का भी उल्लेख हुआ और उपस्थित लोगों ने धार्मिक साधना के प्रति सम्मान जताया। आयोजन के जरिए पुस्तक श्रृंखला को घर घर पहुंचाने का संकल्प सामने आया। 18 पुस्तकों का लोकार्पण इस अभियान की शुरुआत को विस्तार देने वाला स्थानीय अवसर बनकर सामने आया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पुस्तकों के लोकार्पण, वितरण, लाभार्थियों और धार्मिक साधना से जुड़े विवरण आयोजन पक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और सभी तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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