फेरी दुर्घटना ने पूरे उत्तरी साइप्रस को हिला दिया। 8 लोगों की मौत और 18 के लापता होने के साथ 241 लोगों को बचाया गया। डूबी फेरी अब 514 मीटर गहरे समुद्र में है।
रेस्क्यू ऑपरेशन
निकोसिया, साइप्रस। फेरी दुर्घटना ने उत्तरी साइप्रस के तट पर ऐसा मंजर पैदा कर दिया जिसमें कई यात्री पलटी हुई नाव के ऊपर जिंदगी बचाने के लिए चिपके नजर आए। निजी कंपनी की फेरी FILOJET करीब 267 यात्रियों और क्रू को लेकर काइरेनिया से तुर्की के तासुचु जा रही थी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बंदरगाह से निकलने के कुछ ही समय बाद फेरी में अचानक पानी भरने लगा और देखते ही देखते वह पलट गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है। [1]
फेरी दोपहर करीब 12:30 बजे काइरेनिया से रवाना हुई थी। यात्रियों के मुताबिक नाव समुद्र में असामान्य तरीके से हिल रही थी और बार बार पानी से ऊपर उठकर जोर से नीचे गिर रही थी। इसी दौरान उसका अगला हिस्सा पानी से टकराया और टूट गया। इसके बाद तेजी से पानी अंदर आने लगा। यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी और कई लोग पलटी हुई फेरी के ऊपर पहुंच गए। बचाव दलों ने नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से लोगों को एक एक करके सुरक्षित निकालना शुरू किया।
अधिकारियों के मुताबिक फेरी में 259 यात्री और 8 क्रू सदस्य थे। 241 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि 18 लोग अभी लापता हैं। डूबने के बाद फेरी करीब 514 मीटर की गहराई में समुद्र तल पर पहुंच गई। इतनी गहराई ने खोज और बचाव अभियान को बेहद मुश्किल बना दिया है। तुर्की से विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चलता तब तक अभियान जारी रहेगा।
फेरी दुर्घटना के बाद उसके कप्तान और 7 क्रू सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि फेरी में पानी आखिर किस वजह से भरना शुरू हुआ। कुछ यात्रियों ने नाव की असामान्य आवाजाही और तेज झटकों का जिक्र किया है। हालांकि मौसम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि घटना से एक दिन पहले साइप्रस में तेज तूफान आया था। रविवार का मौसम यात्रा के लिए उपयुक्त माना गया था।
बचाव अभियान में उत्तरी साइप्रस के 4 तटरक्षक जहाजों और एक नागरिक यात्री नाव को लगाया गया। तुर्की ने भी 5 तटरक्षक जहाज और 2 हेलीकॉप्टर भेजे। समुद्र में बचाव दलों की गतिविधि लगातार जारी रही और तट पर परिवार अपने रिश्तेदारों की खबर के लिए अस्पतालों और बंदरगाह के बाहर इंतजार करते रहे। इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि लापता लोगों को खोजने का अभियान बिना रुके जारी रहेगा।
काइरेनिया और तुर्की के बीच चलने वाली ये फेरी सेवाएं उत्तरी साइप्रस के लिए रोजमर्रा के संपर्क का अहम साधन हैं। घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और समुद्री निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों को अब यह पता लगाना होगा कि जहाज ने पानी लेना कब शुरू किया और क्या उस समय चालक दल ने तय सुरक्षा प्रक्रिया के मुताबिक कदम उठाए थे। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फेरी दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी, समुद्री परिस्थितियां या कोई दूसरी वजह थी।
इस घटना ने साइप्रस और तुर्की दोनों में चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को भी खराब समुद्री परिस्थितियों में एक नाव चट्टानों से टकराई थी और एक व्यक्ति की मौत हुई थी। लेकिन रविवार को यात्रा के लिए मौसम को सामान्य माना गया था। यही वजह है कि अधिकारी किसी एक कारण को जिम्मेदार मानने से पहले पूरी जांच करना चाहते हैं। फिलहाल 18 लोगों की तलाश सबसे बड़ी प्राथमिकता है। फेरी दुर्घटना के बाद बचाव दल समुद्र की गहराई और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान में जुटे हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। फेरी दुर्घटना के कारण की आधिकारिक जांच अभी जारी है इसलिए मौसम, तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।