आईएनएस निपुण आज भारतीय नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा करने जा रहा है। 75% स्वदेशी, इस विशेष पोत से गहरे समुद्र में गोताखोरी और पनडुब्बी बचाव क्षमता मजबूत होगी।
आईएनएस निपुण
मुंबई, महाराष्ट्र। आईएनएस निपुण आज भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होने जा रहा है। यह निस्तार श्रेणी का दूसरा Diving Support Vessel है जिसे विशाखापत्तनम की हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन कमीशनिंग समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह पोत गहरे समुद्र में गोताखोरी, पानी के नीचे हस्तक्षेप और पनडुब्बी बचाव जैसे मुश्किल अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसकी तैनाती पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में होगी और यह नौसेना की विशेष समुद्री क्षमताओं को नई मजबूती देगा। [विडियो]
आईएनएस निपुण को सामान्य युद्धपोत की तरह हथियारों से ज्यादा विशेषज्ञ समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं जो लंबे और कठिन डीप सी ऑपरेशन में गोताखोरों को सहायता दे सकते हैं। जहाज में Saturation Diving की सुविधा भी है। इसके अलावा Remote Operated Vehicles पानी के नीचे निगरानी और बचाव से जुड़े काम में मदद करेंगे। यानी जहां सामान्य जहाजों के लिए पहुंचना मुश्किल हो सकता है वहां यह पोत विशेष टीम और उपकरणों के साथ काम कर सकेगा।
Mumbai, Maharashtra: Flag Officer Commanding-in-Chief (FOC-in-C), Western Naval Command, Vice Admiral Sanjay Vatsayan says, "...It is my privilege and honour to welcome each one of you to the Western Naval Command on this momentous occasion of the commissioning of INS Nipun into… pic.twitter.com/IQYPjuhrHg
— IANS (@ians_india) August 31, 2026
इस जहाज की सबसे अहम भूमिकाओं में पनडुब्बी बचाव अभियान शामिल है। आईएनएस निपुण को Deep Submergence Rescue Vessel के लिए मदर शिप के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी पनडुब्बी में आपात स्थिति आने पर बचाव प्रणाली को समुद्र में तेजी से पहुंचाने और अभियान को लंबे समय तक सहारा देने में यह पोत उपयोगी होगा। नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की क्षमता समुद्र के नीचे होने वाले अभियानों में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां समय और सटीकता दोनों की बड़ी भूमिका होती है।
आईएनएस निपुण की एक खास क्षमता 300 मीटर तक Saturation Diving और Mixed Diving को सपोर्ट करना है। इतने गहरे पानी में काम करने के लिए जहाज का अपनी जगह पर बेहद स्थिर रहना जरूरी होता है। इसके लिए इसमें Dynamic Positioning System लगाया गया है जो जहाज को एंकर के बजाय आधुनिक तकनीक से एक निश्चित स्थान पर बनाए रखता है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्थिति एक मीटर से भी कम सटीकता के साथ बनाए रखने की क्षमता रखती है। इससे गहरे पानी में बचाव और अंडरवाटर हस्तक्षेप के दौरान ऑपरेशन अधिक नियंत्रित हो सकता है।
Mumbai, Maharashtra: INS Nipun, Captain L.S. Subramanian says, "As you brought out, it is one of the indigenous platforms with more than 75% indigenous content. This ship is one of its kind in the Navy, built for deep-diving operations and submarine rescue capabilities. Whatever… pic.twitter.com/ySeV2SZAIx
— IANS (@ians_india) August 31, 2026
आईएनएस निपुण की भूमिका सिर्फ गोताखोरों को समुद्र तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इसे अंडरवाटर इंटरवेंशन, निगरानी और समुद्री बचाव के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया गया है। जहाज में नेविगेशन, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और मेडिकल सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसे कठिन समुद्री परिस्थितियों में लंबे अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यही वजह है कि नौसेना इसे अपनी विशेष डीप सी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में देख रही है।
आईएनएस निपुण की एक बड़ी खासियत इसका स्वदेशी निर्माण है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने इसे विशाखापत्तनम में तैयार किया है और इसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी सामग्री होने की बात नौसेना ने कही है। यह आंकड़ा केवल निर्माण क्षमता का संकेत नहीं है बल्कि जटिल रक्षा पोतों के क्षेत्र में घरेलू तकनीक और उद्योग की बढ़ती भूमिका भी दिखाता है। जहाज को 30 जुलाई 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। अब कमीशनिंग के बाद इसका निर्माण से वास्तविक ऑपरेशनल सेवा तक का सफर पूरा होगा।
Mumbai, Maharashtra: A Navy officer says, "One of the defining characteristics of this ship is its ability to undertake saturation diving and mixed diving up to 300 metres, as well as submarine rescue operations. For all these operations, it is vital that we remain stable at a… pic.twitter.com/GN41SXd4Ts
— IANS (@ians_india) August 31, 2026
आईएनएस निपुण के शामिल होने से भारतीय नौसेना की डीप सी डाइविंग, अंडरवाटर इंटरवेंशन और पनडुब्बी बचाव क्षमता को एक साथ मजबूती मिलेगी। समुद्र के नीचे होने वाले अभियानों में सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि स्थिरता, प्रशिक्षित गोताखोर और भरोसेमंद बचाव प्रणाली की जरूरत होती है। यह पोत इन सभी जरूरतों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। पश्चिमी समुद्री तट पर इसकी तैनाती भारत की समुद्री सुरक्षा और विशेष अभियानों की तैयारी के लिए अहम मानी जा रही है। आईएनएस निपुण इस तरह नौसेना की गहराई में पहुंच और बचाव क्षमता का नया आधार बनेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त आधिकारिक स्रोतों और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जहाज की परिचालन क्षमताओं से संबंधित तकनीकी विवरण आधिकारिक रूप से उपलब्ध जानकारी और अधिकारियों के बयानों पर आधारित हैं तथा वास्तविक अभियानों में परिस्थितियों के अनुसार क्षमताएं अलग हो सकती हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।