लगातार 2 दिन हुई बारिश के बाद जलाशय में पानी की आवक बढ़ गई जिसके चलते सलाल बांध के गेट खुले। मौसम में सुधार के बावजूद प्रशासन की जलस्तर पर लगातार नजर।
सलाल बांध के गेट खोले गए
रियासी, जम्मू और कश्मीर। सलाल बांध के गेट जलाशय में बढ़ी पानी की आवक के बाद खोल दिए गए हैं। लगातार 2 दिन हुई बारिश के चलते बांध के जलाशय में पानी का स्तर और इनफ्लो बढ़ा जिसके बाद कई गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई। आज मौसम में भी सुधार देखने को मिला है। प्रशासन और संबंधित अधिकारी जलस्तर तथा पानी की आवक पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी तथा जलधाराओं के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी गई है। [विडियो]
लगातार हुई बारिश का सीधा असर जलाशय में पानी की आवक पर पड़ा है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि बढ़े हुए पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जाए ताकि बांध पर अतिरिक्त दबाव की स्थिति न बने। इसी वजह से सलाल बांध के गेट खोलकर पानी का बहाव नियंत्रित किया जा रहा है। मौसम में सुधार के बाद बारिश से राहत जरूर मिली है लेकिन जलाशय में पहुंच रहे पानी की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद downstream यानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सावधानी बढ़ जाती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। खास तौर पर नदी के किनारे और पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सलाल बांध के गेट खुलने के बाद जलस्तर और बहाव की स्थिति लगातार देखी जा रही है। किसी भी बदलाव की स्थिति में स्थानीय स्तर पर आवश्यक सूचना जारी की जा सकती है।
मौसम साफ होने के बावजूद प्रशासन की निगरानी जारी है क्योंकि बारिश के बाद जलाशय में पानी की आवक तुरंत सामान्य नहीं होती। अधिकारी इनफ्लो और जलस्तर की स्थिति का आकलन कर रहे हैं ताकि जरूरत के मुताबिक पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके। लोगों से भी प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। फिलहाल मुख्य जोर सुरक्षा और स्थिति पर लगातार नजर रखने पर है। सलाल बांध के गेट खुलने के बाद निचले क्षेत्रों में सावधानी बरतना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और प्रशासनिक जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बांध के जलस्तर और पानी के बहाव की स्थिति मौसम तथा जलाशय में आने वाली पानी की मात्रा के अनुसार बदल सकती है इसलिए स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों और निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।