गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का असर बढ़ गया है। ग्रामीणों को करीब 3 किलोमीटर तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बाढ़ से गहराया संकट
पश्चिम चंपारण, बिहार। गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के पश्चिम चंपारण के निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 180000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिसके बाद चकदहवा और आसपास के गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 3 किलोमीटर तक रास्ते में पानी भरा है। आने जाने के लिए लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। खराब सड़क और बिजली की समस्या ने हालात को और कठिन बना दिया है। [विडियो]
बाढ़ का पानी फैलने के साथ रोजमर्रा की आवाजाही ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। चकदहवा और आसपास के इलाकों के लोगों का कहना है कि उन्हें जरूरी काम के लिए भी पानी पार करके जाना पड़ रहा है। कई जगह सड़क की हालत पहले से खराब है और पानी भरने के बाद रास्ता और मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक लंबे समय से बुनियादी ढांचे की समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में गंडक बैराज से पानी आने के बाद परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि इलाके में न तो सड़क की स्थिति ठीक है और न ही बिजली की सुविधा भरोसेमंद है। एक ग्रामीण ने कहा कि लोग करीब 3 किलोमीटर तक पानी में चलकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण का कहना था कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि आते हैं स्थिति देखते हैं और फिर लौट जाते हैं। बाढ़ के बीच यह नाराजगी अब खुले तौर पर सामने आ रही है।
West Champaran, Bihar: Floodwaters entered low-lying and diara areas in Bihar after 180,000 cusecs of water was released from the Valmiki Nagar Gandak Barrage following floods in Nepal. Residents of Chakdahwa and nearby villages reported severe difficulties commuting through… pic.twitter.com/oPgQOcDiRm
— IANS (@ians_india) August 31, 2026
नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक नदी में पानी की आवक बढ़ने से बैराज से पानी छोड़ा गया है। इसका असर नदी के आसपास के निचले और दियारा इलाकों में दिखाई दे रहा है। गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों की चिंता सिर्फ तत्काल आवाजाही तक सीमित नहीं है बल्कि आगे जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन सड़क बिजली और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था पर तत्काल ध्यान दे ताकि बाढ़ के दौरान जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बाढ़ और जलस्तर से जुड़ी स्थिति मौसम तथा पानी की आवक के अनुसार बदल सकती है और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।