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सफाई अभियान से बदलेगा नजारा, गणपति उत्सव से पहले लौटेगी रौनक

गणपति उत्सव से पहले समुद्र किनारे सफाई अभियान शुरू हुआ है, लेकिन सवाल सिर्फ कचरा हटाने का नहीं, इसे लगातार साफ रखने की व्यवस्था का भी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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सफाई अभियान

मुंबई, महाराष्ट्र। वरली कोलीवाड़ा में सफाई अभियान शुरू किया गया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति और शिवसेना नेता सचिन अहिर ने सामाजिक संगठनों और नगर निगम की मदद से इस मुहिम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि कभी समुद्र का नजारा देखने और बैठने की खूबसूरत जगह अब गंदगी से परेशान है। अहिर ने भरोसा दिलाया कि यह पहल लगातार चलाने की कोशिश होगी और कुछ महीनों में यहां बदलाव दिखाई देगा। अब देखना यह है कि बदलाव झाड़ू तक रहता है या जमीन पर भी दिखता है। [विडियो]

सिर्फ झाड़ू से नहीं

वरली कोलीवाड़ा में सफाई अभियान की तस्वीर जरूर अच्छी दिखती है, लेकिन असली परीक्षा झाड़ू चलने के बाद होगी। समुद्र किनारे कचरा जमा होना कोई अचानक पैदा हुई समस्या नहीं है। अगर नियमित सफाई की व्यवस्था मौजूद है तो फिर गंदगी दोबारा क्यों लौटती है, यह सवाल भी जरूरी है। हर बार त्योहार से पहले सफाई करना आसान है, मुश्किल यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार खत्म होने के बाद भी समुद्र किनारा साफ रहे। वरना कुछ दिन सफाई होगी और फिर वही पुराना कचरा नजर आएगा।

मुंबई में समुद्र किनारे की सफाई सिर्फ सुंदरता का मामला नहीं है। वरली कोलीवाड़ा स्थानीय मछुआरा समुदाय की जिंदगी और शहर की समुद्री पहचान से जुड़ा इलाका है। यहां लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां होती हैं और त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ती है। ऐसे में सफाई अभियान को मौसमी कवायद बनाने के बजाय नियमित व्यवस्था में बदलना जरूरी है। अगर कचरा उठाने के साथ उसे दोबारा जमा होने से रोकने की व्यवस्था नहीं बनी तो हर नया अभियान पिछली नाकामी की सफाई करता हुआ ही नजर आएगा।

दावा अब निरंतरता का

सचिन अहिर ने कहा है कि सफाई अभियान को लगातार चलाने की कोशिश होगी। यही बात अब इस पहल की सबसे बड़ी परीक्षा बनेगी। क्योंकि मुंबई में सफाई के नाम पर कई अभियान शुरू होते रहे हैं, लेकिन असली सफलता उस दिन मानी जाएगी जब कुछ महीनों बाद भी समुद्र किनारा साफ मिले। लोगों को बार बार शिकायत लेकर अधिकारियों या नेताओं तक न जाना पड़े। गणपति उत्सव से पहले शुरू हुई यह पहल अगर रोजमर्रा की व्यवस्था बनती है तो स्थानीय लोगों के साथ पूरे शहर को इसका फायदा मिलेगा।

अंततः सफाई अभियान की सफलता फोटो खिंचवाने या कुछ घंटे झाड़ू चलाने से नहीं मापी जाएगी। असली कसौटी यह होगी कि क्या वरली कोलीवाड़ा आने वाले महीनों में भी साफ दिखाई देता है। इसके लिए नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, निगरानी और नागरिकों की भागीदारी जरूरी होगी। समुद्र किनारा साफ रखना किसी त्योहार की मजबूरी नहीं बल्कि रोज की जिम्मेदारी है। अगर इस बार दावा जमीन पर उतरा तो लोग खुद बदलाव महसूस करेंगे। वरना झाड़ू फिर चलेगी, तस्वीरें फिर आएंगी और गंदगी भी शायद अपना रास्ता फिर खोज लेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और भविष्य में होने वाले बदलाव स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित संस्थाओं की निरंतर कार्रवाई पर निर्भर करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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