मुंबई में CNG ₹2 किलो और PNG ₹1 महंगी होने से गैस का खर्च बढ़ा। MGL ने Middle East संकट से बढ़ी गैस लागत को वजह बताया है। असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। गैस का खर्च बढ़ा और इसका असर अब मुंबई की सड़कों से लेकर घर की रसोई तक पहुंच गया है। Mahanagar Gas Limited ने CNG की कीमत ₹2 प्रति किलो बढ़ाकर ₹88 कर दी है। घरेलू PNG भी ₹1 प्रति SCM महंगी होकर ₹53 हो गई है। नई दरें 1 सितंबर से लागू हैं। कंपनी के मुताबिक Middle East संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी गैस की लागत बढ़ी है। बढ़ती मांग के बीच महंगे आयातित Spot RLNG पर निर्भरता ने भी लागत का दबाव बढ़ाया है। [1]
CNG की कीमत बढ़ने का असर उन लोगों पर सबसे पहले पड़ेगा जो रोजाना वाहन चलाने के लिए इस ईंधन पर निर्भर हैं। MGL के नेटवर्क से करीब 13 लाख CNG वाहन जुड़े हैं। इनमें मुंबई और आसपास के इलाकों के साथ महाराष्ट्र के दूसरे क्षेत्र तथा कर्नाटक के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। रोज चलने वाले ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के मालिकों के लिए ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी मामूली दिखाई दे सकती है, लेकिन महीने भर के ईंधन खर्च में इसका असर साफ दिखाई देगा।
घर की रसोई भी इस बढ़ोतरी से अछूती नहीं है। घरेलू PNG की कीमत ₹1 प्रति SCM बढ़ने से करीब 30 लाख उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। MGL का कहना है कि बढ़ी हुई कीमत से महंगी input gas की लागत का सिर्फ एक हिस्सा संभाला जा सकेगा। यानी कंपनी के हिसाब से यह पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला गया है। लेकिन उपभोक्ता के लिए गणित थोड़ा अलग है। गाड़ी में महंगा ईंधन और घर में महंगी गैस, दोनों मिलकर महीने के बजट में एक और छेद जरूर कर देंगे।
MGL के मुताबिक Middle East संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों से जुड़ी गैस का खर्च बढ़ा है। CNG की मांग भी उल्लेखनीय बनी हुई है और इसका बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए MGL को imported Spot RLNG खरीदना पड़ रहा है। यह गैस महंगी पड़ रही है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा बढ़ोतरी बढ़ी हुई लागत को सिर्फ आंशिक रूप से संतुलित करेगी और ग्राहकों को लगातार गैस आपूर्ति बनाए रखने में मदद करेगी। यानी वैश्विक तनाव का असर अब स्थानीय ईंधन बिल में दिखाई दे रहा है।
मुंबई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब दिल्ली NCR में Indraprastha Gas Limited भी CNG के दाम ₹3.89 प्रति किलो बढ़ा चुकी है। वहां नई कीमत ₹86.98 प्रति किलो हुई है। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार की हलचल का असर अलग अलग शहरों में दिखाई देने लगा है। सवाल यह है कि अगर वैश्विक बाजार में कीमतें घटती हैं तो उसका फायदा उपभोक्ताओं तक कितनी तेजी से पहुंचेगा। महंगाई बढ़ने पर कारण तुरंत सामने आता है, लेकिन कीमत घटने पर राहत की रफ्तार हमेशा चर्चा का विषय रहती है।
आम उपभोक्ता के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि गैस का खर्च बढ़ा है तो क्या आने वाले दिनों में और राहत या फिर एक और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। MGL ने कहा है कि मौजूदा फैसला बढ़ी हुई input cost को आंशिक रूप से संभालने के लिए लिया गया है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और Spot RLNG की लागत पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल मुंबई के लाखों परिवारों और वाहन चालकों को बढ़े हुए खर्च के साथ अपना बजट फिर से बनाना होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्राकृतिक गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भू राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण भविष्य में CNG और PNG की कीमतों में परिवर्तन संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।