क्राइम

83 हजार की रिश्वत लेते पुलिसकर्मी समेत 2 लोग ACB ट्रैप में पकड़े गए

83 हजार की रिश्वत लेते गुजरात में पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति ACB के जाल में फंस गए। शिकायत के बाद ट्रैप में पूरी रकम बरामद हुई।

By अजय त्यागी 1 min read
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गिरफ्त में आरोपी

मेहसाणा, गुजरात। 83 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में सतलासणा पुलिस थाने के एक कांस्टेबल और स्थानीय निवासी को एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप में पकड़ा है। आरोपियों की पहचान कांस्टेबल कांजी चौधरी और आशीष चौधरी के रूप में हुई है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों से कथित रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई। शिकायतकर्ता ने ACB की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 31 अगस्त को ब्यूरो ने जाल बिछाया और कार्रवाई की।  [1]

थाने में जाने का दबाव

ACB की शिकायत के मुताबिक शिकायतकर्ता और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ सतलासणा थाने में जुआ अधिनियम से जुड़ा मामला दर्ज था। मामले में उन्हें पुलिस थाने में पेश होना था। आरोप है कि कांस्टेबल कांजी चौधरी ने थाने पहुंचने पर शिकायतकर्ता और अन्य लोगों के साथ मारपीट नहीं करने के बदले 1 लाख रुपये मांगे थे। बातचीत के बाद 83 हजार की रिश्वत राशी तय हुई। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था इसलिए उसने ACB से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

ACB ने सोमवार को ट्रैप की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों आरोपी फोन पर शिकायतकर्ता के संपर्क में रहे और उससे तय रकम लेने पर सहमत हुए। लेनदेन सतलासणा में सूरज कॉम्प्लेक्स के सामने सार्वजनिक सड़क पर एक परिचित की कार में हुआ। जैसे ही 83 हजार रुपये की रिश्वत ली गई ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने पूरी रकम बरामद कर ली। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और घटनाक्रम की जांच जारी है।

ACB की आगे जांच

ACB अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई अहमदाबाद के ACB फील्ड 3 के पुलिस निरीक्षक डीबी मेहता और उनकी टीम ने की। ब्यूरो अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित पुलिसकर्मी पर पहले भी इसी तरह के रिश्वत लेने के आरोप या शिकायतें सामने आई थीं या नहीं। फिलहाल ताजा मामले में कथित रकम बरामद होने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

इस कार्रवाई की शुरुआत शिकायतकर्ता की पहल से हुई जिसने ACB की 1064 टोल फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क किया था। गुजरात में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए ACB ट्रैप जैसी कार्रवाई करती है और ऐसे मामलों में शिकायत के आधार पर निगरानी तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस मामले में भी कथित रिश्वत की रकम तय होने के बाद टीम ने मौके पर कार्रवाई की। 83 हजार की रिश्वत बरामद होने के मामले में अब जांच का फोकस आरोपियों की भूमिका और कथित मांग के पूरे घटनाक्रम पर है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिश्वत लेने के आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों और अदालत के निर्णय के आधार पर होगी। इस रिपोर्ट में आरोपों का उल्लेख पुलिस और ACB द्वारा बताए गए तथ्यों के आधार पर किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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