जोमैटो एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर सख्त हुआ। नियम तोड़ने वाले रेस्तरां हटेंगे, प्राकृतिक डेयरी अपनाने और सामग्री की सही जानकारी देने के निर्देश।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, भारत। जोमैटो एनालॉग डेयरी के उत्पादों की बिक्री को लेकर सख्त नीति लागू करने जा रहा है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने सोमवार को कहा कि ऐसे व्यंजन तत्काल हटाए जाएंगे जिन्हें रेस्तरां पार्टनर्स ने एनालॉग डेयरी से बना घोषित किया है। कंपनी ने कहा कि यह कदम ग्राहकों के लिए खाद्य गुणवत्ता और पारदर्शिता मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। IANS के अनुसार जोमैटो ने साफ किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले रेस्तरां को प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है। यह फैसला खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती नियामकीय सख्ती के बीच आया है। [1]
जोमैटो ने अपनी नीति के तहत रेस्तरां पार्टनर्स को प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। जिन रेस्तरां के लिए तत्काल बदलाव संभव नहीं है उन्हें एनालॉग डेयरी वाले व्यंजन अपने मेन्यू से हटाने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने कहा कि उसका उद्देश्य ग्राहकों को प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध खाद्य उत्पादों के बारे में स्पष्ट और सही जानकारी देना है। इसके साथ ही रेस्तरां से अपने सप्लायर्स द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोडक्ट लेबल और सामग्री की घोषणाओं की समीक्षा करने को कहा गया है ताकि इस्तेमाल होने वाले अवयवों की पुष्टि की जा सके।
कंपनी के मुताबिक मेन्यू में शामिल किसी भी खाद्य पदार्थ की जानकारी वास्तविक सामग्री के अनुरूप होनी चाहिए। जोमैटो ने रेस्तरां पार्टनर्स को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है कि ग्राहकों को गलत या भ्रामक जानकारी न मिले। कंपनी के सीईओ आदित्य मंगला ने कहा कि बेहतर भोजन अधिक लोगों तक पहुंचाना कंपनी के मुख्य उद्देश्य का हिस्सा है और इसके लिए ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई नीति उन रेस्तरां पार्टनर्स के साथ मिलकर लागू की जा रही है जो खाद्य गुणवत्ता और स्पष्ट मानकों को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
जोमैटो द्वारा एनालॉग डेयरी को लेकर लिया गया फैसला ऐसे समय आया है जब देश में खाद्य सुरक्षा और मिलावट पर नियामकीय निगरानी बढ़ी हुई है। इस महीने की शुरुआत से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने अनेक खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और गैर अनुपालन के मामले सामने आने के बाद कई लाइसेंस निलंबित किए गए और प्रतिबंध संबंधी आदेश भी जारी किए गए। नियामक की कार्रवाई गैर अनुपालन वाले घी उत्पादों और मिलावट से जुड़ी चिंताओं के बीच हुई थी।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भी कृत्रिम एनालॉग डेयरी पनीर के उत्पादन वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया है। राज्य में हाल में जांच किए गए पनीर के नमूनों में 35 प्रतिशत से अधिक नमूने गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए थे। इनमें वनस्पति वसा की मिलावट से जुड़ी समस्या सामने आई थी। इसके बाद होटल रेस्तरां कैटरर्स और क्लाउड किचन को ऐसे कृत्रिम डेयरी विकल्पों का इस्तेमाल तैयारी परोसने और भंडारण से रोक दिया गया। जोमैटो ने कहा कि उसकी नीति लागू नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप है और स्वस्थ भोजन विकल्पों तथा पारदर्शिता पर कंपनी के व्यापक फोकस का हिस्सा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। एनालॉग डेयरी और खाद्य मिलावट से जुड़े नियामकीय निष्कर्ष संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर आधारित हैं तथा प्रत्येक उत्पाद की गुणवत्ता अलग हो सकती है। ग्राहकों को खाद्य उत्पाद खरीदने या सेवन करने से पहले पैकेजिंग और सामग्री की जानकारी स्वयं जांचनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।