दिल्ली

सर्जरी में देरी का आरोप, 15 साल की तन्वी की AIIMS में मौत पर सवाल

कोटा की 15 साल की तन्वी 13 साल से दिल की सर्जरी का इंतजार कर रही थी, AIIMS में मौत के बाद पिता ने सर्जरी में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। राजस्थान के कोटा की 15 साल की तन्वी की मंगलवार तड़के AIIMS दिल्ली परिसर में मौत हो गई। वह 2 साल की उम्र से जन्मजात दिल की गंभीर बीमारी का इलाज करा रही थी। परिवार का आरोप है कि 13 साल तक सर्जरी की तारीख और इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हुआ। पिता मुकेश परियानी का कहना है कि सर्जरी में देरी ने उनकी बेटी की हालत बिगाड़ दी। AIIMS के डॉक्टरों ने हालांकि बीमारी की जटिलता के कारण सामान्य सर्जरी को जोखिम भरा बताया है।  [1]

सालों का इंतजार

AIIMS के रिकॉर्ड के मुताबिक तन्वी को VSD और Pulmonary Atresia की बीमारी थी। 2012 में उसे पहली बार अस्पताल लाया गया था और 2013 में सर्जरी के लिए उसका मूल्यांकन हुआ। 2014 के एक दस्तावेज में यूनिफोकलाइजेशन और कंड्यूट सर्जरी की सिफारिश दर्ज थी। परिवार का दावा है कि 2015 में ऑपरेशन की तारीख भी तय हुई लेकिन वह नहीं हो सका। इसके बाद परिवार इलाज की उम्मीद में लगातार दिल्ली और कोटा के बीच आता जाता रहा। पिता के मुताबिक इलाज पर उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च होता रहा।

परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल में कई बार कागजी प्रक्रिया और दूसरी जरूरतों के नाम पर उन्हें परेशान किया गया। तन्वी के चाचा भरत परियानी के मुताबिक उनके भाई महीने में 15 बार तक दिल्ली आते थे। परिवार ने करीब 1.5 लाख रुपये खर्च करने और खून तथा दवाओं की व्यवस्था करने का दावा भी किया है। एक अन्य चाचा सुनील परियानी ने कहा कि सर्जरी में देरी को लेकर प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की गई थी। परिवार का आरोप है कि उनपर शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया गया था।

डॉक्टरों ने बताई वजह

AIIMS के CTVS विभाग के प्रमुख डॉ वी देवगुरु के मुताबिक 2018 के मूल्यांकन में तन्वी की फुफ्फुसीय धमनियों के विकास में गंभीर कमी और हृदय की जटिल संरचना सामने आई थी। डॉक्टरों के अनुसार ऐसी स्थिति में सामान्य सुधारात्मक सर्जरी को जोखिम भरा मानते हुए उसे आगे नहीं किया गया और बाद में मेडिकल प्रबंधन जारी रखा गया। 24 अगस्त को तन्वी को संभावित हार्ट लंग ट्रांसप्लांट के मूल्यांकन के लिए भर्ती किया गया था। सोमवार शाम इसी प्रक्रिया की जांच के तहत उसकी एंडोस्कोपी भी की गई थी।

मंगलवार तड़के करीब 2:50 बजे तन्वी ने कमजोरी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। डॉक्टरों के अनुसार उसका ऑक्सीजन स्तर 48 प्रतिशत तक गिर गया और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। इसके बाद उसे हाइपोक्सिक स्पेल आया और कार्डियक अरेस्ट हो गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उसकी हालत नहीं संभली और सुबह करीब 5:06 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवार अब मौत की परिस्थितियों और वर्षों से चली आ रही सर्जरी में देरी को लेकर स्पष्ट जवाब और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। परिवार द्वारा लगाए गए इलाज में देरी और लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और AIIMS की ओर से बीमारी की जटिलता तथा सर्जरी के जोखिम का पक्ष सामने आया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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