उत्तर प्रदेश

राम मंदिर CEO पद पर बड़ा फैसला, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा चुने गए

5585 आवेदनों की कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर CEO नियुक्त किया।

By अजय त्यागी 1 min read
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राम मंदिर CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर CEO नियुक्त कर दिया है। यह ट्रस्ट के इतिहास में पहली पूर्णकालिक CEO नियुक्ति है। 5585 आवेदनों से शुरू हुई चयन प्रक्रिया में 3 नाम अंतिम चरण तक पहुंचे और मिश्रा को जिम्मेदारी मिली। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और वित्तीय मामलों में बेहतर निगरानी पर जोर दे रहा है। ट्रस्ट की बैठक में नियुक्ति को मंजूरी दी गई।  [1]

चयन में लगी तकनीक

जितेंद्र मिश्रा के चयन के पीछे करीब 2 महीने चली प्रक्रिया रही। 600 अंकों के मूल्यांकन ढांचे में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल जांच भी की गई। शुरुआती मूल्यांकन में 3577 उम्मीदवार शामिल हुए। 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवार आगे बढ़े और 108 आवेदकों से वर्चुअल बातचीत हुई। इसके बाद 16 उम्मीदवारों के आमने सामने इंटरव्यू अयोध्या में हुए। रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली समिति ने आखिर में 3 योग्य नाम ट्रस्ट के सामने रखे।

समिति में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे भी शामिल थे। उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता प्रबंधन कौशल ईमानदारी और दूरदृष्टि को प्रमुख आधार बनाया गया। ट्रस्ट के लिए यह प्रक्रिया इसलिए अहम रही क्योंकि राम मंदिर जैसे बड़े संस्थान के रोजमर्रा के संचालन में अब ज्यादा व्यवस्थित प्रशासन की जरूरत महसूस की जा रही थी। मिश्रा का सैन्य अनुभव और बड़े स्तर पर संचालन का अनुभव इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

बढ़ेंगी प्रशासनिक जिम्मेदारियां

राम मंदिर CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की भूमिका केवल मंदिर के रोजमर्रा के संचालन तक सीमित नहीं रहने वाली है। ट्रस्ट डीड में CEO की शक्तियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर भी चर्चा हो रही है। विभिन्न समितियों के बीच समन्वय प्रशासनिक कामकाज वित्तीय प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल इस नए ढांचे का हिस्सा हो सकते हैं। ट्रस्ट ने प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति और खाली पड़े ट्रस्टी पदों समेत कई प्रशासनिक मुद्दों पर भी विचार किया है।

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 38 साल की सेवा के बाद अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए। वह पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब राम मंदिर CEO के रूप में उनके सामने धार्मिक संस्थान की प्रशासनिक जरूरतों और बड़े स्तर के संचालन को साथ लेकर चलने की चुनौती होगी। ट्रस्ट में चल रहे वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के बीच उनकी नियुक्ति को व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवादों में सामने आए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए और संबंधित मामलों की कानूनी स्थिति को आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ही समझा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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