जन्माष्टमी महोत्सव में नौगांवा का श्री सांवरिया सेठ मंदिर वृंदावन सा सजेगा। झांकियों, भजनों और मध्यरात्रि कृष्ण जन्म के साथ विशेष बस सेवा भी होगी।
प्रतीकात्मक फोटो
भीलवाडा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। जन्माष्टमी महोत्सव में नौगांवा स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में भक्ति और उल्लास का खास नजारा देखने को मिलेगा। 4 सितंबर को होने वाले आयोजन में मंदिर परिसर को वृंदावन की तर्ज पर सजाने की तैयारी है। फूलों की सजावट, आकर्षक झांकियां, भजन संध्या और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का जीवंत दृश्य मुख्य आकर्षण रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पीएम ई बस सेवा और निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
महोत्सव की शुरुआत सुबह मंगला आरती, दुग्धाभिषेक, भगवान के विशेष श्रृंगार और विश्व शांति के लिए हवन यज्ञ से होगी। गर्भगृह को मोगरे के सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा, जबकि मंदिर परिसर में विशेष सजावटी फव्वारे श्रद्धालुओं का ध्यान खींचेंगे। किड्स कुडोज स्कूल के बच्चे कुरुक्षेत्र शंखनाद और श्रीकृष्ण अर्जुन संवाद का मंचन करेंगे। आराध्य इवेंट की ओर से बांके बिहारी, राधा रमण और गोविंद देवजी की झांकियां भी सजाई जाएंगी।
दोपहर में गुंजन म्यूजिक रायला की ओर से भजन संध्या आयोजित होगी और माधव गौशाला में गो परिक्रमा भी की जाएगी। रात 10.30 बजे भगवान का पंचामृत अभिषेक होगा। इसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे कारागृह के जीवंत दृश्य के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर मंदिर कार्यकर्ताओं और आयोजन से जुड़े लोगों में खास उत्साह है। कार्यक्रम संयोजक आलोक पलोड़ के अनुसार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए कार्यकर्ताओं की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पीएम ई बस सेवा विभिन्न मार्गों से नौगांवा तक उपलब्ध रहेगी। पुर, गाडरमाला और कारोई से अलग अलग समय पर बसें चलेंगी, जबकि गंगापुर चौराहा से प्रत्येक एक घंटे के अंतराल पर बस सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क पार्किंग भी रखी गई है। इसके अलावा सशुल्क शुद्ध फलाहारी भोजन की व्यवस्था रहेगी, ताकि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आयोजन के दौरान जरूरी सुविधाएं परिसर के आसपास ही मिल सकें।
आयोजन समिति के अनुसार जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों में सह संयोजक सोहनलाल गहलोत और सुनील नवाल सहित मंदिर कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। श्रवण सेन, कैलाश डाड और गिरराज काबरा समेत अन्य कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगे हैं। कार्यक्रम में सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रहेंगी। जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति, संगीत, झांकियों और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का विशेष अनुभव कराने की तैयारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कार्यक्रम की समय सारणी और परिवहन व्यवस्था आयोजन समिति तथा संबंधित परिवहन विभाग की ओर से जारी अंतिम सूचना के अनुसार बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।