ईरान पर प्रतिबंध से बचने में मदद करने वाले देशों पर अमेरिका की कार्रवाई संभव, रूबियो ने दी चेतावनी। भारत ईरान व्यापार समझौते पर भी दिया बड़ा बयान।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो
चैपल हिल, नॉर्थ कैरोलिना। अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि जो देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करेंगे उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे देशों पर भी अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जो तेहरान को राजस्व जुटाने में मदद करते हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद के समर्थन और परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश में किया जा सकता है। [1]
रूबियो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरानी राष्ट्रपति और अधिकारियों के साथ मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। उनसे भारत और ईरान के बीच संभावित व्यापार समझौते की खबरों पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई। रूबियो ने कहा कि उन्हें दोनों देशों के बीच किसी व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि दुनिया के अलग अलग देश अपनी विदेश नीति तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। उनके मुताबिक कई देशों के ईरान के साथ संपर्क हैं और सामान्य राजनयिक संपर्क को प्रतिबंधों से बचाने वाली गतिविधि नहीं माना जा सकता।
भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से हैं और दोनों देशों के बीच कारोबारी तथा रणनीतिक संपर्क भी रहे हैं। भारत चाबहार बंदरगाह के विकास में शामिल है जो अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में ईरान पर प्रतिबंध से जुड़ी अमेरिकी नीति भारत के लिए कूटनीतिक और कारोबारी तौर पर महत्वपूर्ण है। रूबियो की टिप्पणी से संकेत मिला है कि अमेरिका उन देशों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है जो ईरान के साथ कारोबार या आर्थिक संपर्क के जरिए अमेरिकी प्रतिबंधों को कमजोर कर सकते हैं।
रूबियो ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ट्रंप प्रशासन का केंद्रीय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जब तक तेहरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता रहेगा तब तक उस पर दबाव बना रहेगा। अमेरिका आर्थिक दबाव को प्राथमिकता दे रहा है लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा गया है। रूबियो ने ईरान पर अपने वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल आम नागरिकों की जिंदगी सुधारने के बजाय सशस्त्र समूहों और आतंकवाद को समर्थन देने में करने का आरोप लगाया।
ईरान पर प्रतिबंध को लेकर रूबियो की चेतावनी का दायरा सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है। अमेरिका उन देशों पर भी कार्रवाई कर सकता है जो तेहरान को प्रतिबंधों से बचने के रास्ते उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख दिखाया और कहा कि ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की जा रही है। अमेरिका ने वहां बिछाई गई खानों को नष्ट करने की बात भी कही है। रूबियो के मुताबिक यह रणनीतिक जलमार्ग खुला रहेगा और ईरान को उस पर नियंत्रण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अमेरिका ईरान संबंधों प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों में बदलाव संभव है इसलिए किसी निष्कर्ष या निर्णय से पहले ताजा आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।