8 लाख की Digi Tracker मशीन चोरी, दिल्ली में सड़क किनारे से गायब हुई मशीन CCTV से पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, साथी की तलाश जारी है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
नई दिल्ली, दिल्ली। दिल्ली में सड़क किनारे रखी करीब 8 लाख रुपये की Digi Tracker मशीन चोरी होने से हड़कंप मच गया। मामला डाबड़ी इलाके का है जहां पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खुदाई चल रही थी। इसी दौरान साइट पर रखी मशीन पर चोर की नजर पड़ गई और वह उसे लेकर फरार हो गया। यह कोई सामान्य मशीन नहीं थी बल्कि जमीन का डिजिटल सर्वे और निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाला महंगा उपकरण था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। [1]
मशीन गायब होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच का दायरा करीब 5 किलोमीटर तक रखा गया और अलग अलग कैमरों से संदिग्ध के रास्ते को जोड़ने की कोशिश की गई। पुलिस को फुटेज से अहम सुराग मिला और जांच आगे बढ़ते बढ़ते मंगोलपुरी तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से वही Digi Tracker मशीन बरामद हुई जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई थी।
पुलिस को अब शक है कि इस वारदात में आरोपी अकेला नहीं था। जांच एजेंसियां उसके संभावित साथी की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही उस वाहन का पता लगाने की कोशिश भी हो रही है जिसमें मशीन को चोरी के बाद ले जाया गया था। पुलिस यह जानना चाहती है कि सड़क किनारे से मशीन उठाने के बाद उसे किस गाड़ी में रखा गया और किस रास्ते से मंगोलपुरी तक पहुंचाया गया। CCTV फुटेज के आधार पर चोरी की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश जारी है।
जिस Digi Tracker मशीन को चोर सड़क किनारे से उठा ले गया वह सामान्य उपकरण नहीं था। इसका इस्तेमाल सड़क की खुदाई और पाइपलाइन बिछाने जैसे तकनीकी कामों में किया जाता है। यह आधुनिक डिजिटल सर्वे और GPS ट्रैकिंग से जुड़ी मशीन है जो जमीन की वास्तविक भौगोलिक स्थिति समझने, नाप जोख करने और निर्माण से जुड़ा डिजिटल डेटा रिकॉर्ड करने में मदद करती है। इसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये होने के कारण पुलिस भी इस चोरी को गंभीरता से देख रही है।
इस मामले में Digi Tracker मशीन चोरी ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि महंगे तकनीकी उपकरणों को निर्माण स्थलों पर कितनी सुरक्षा के साथ रखा जा रहा था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके साथी तथा इस्तेमाल किए गए वाहन की तलाश कर रही है। जांच पूरी होने के बाद यह साफ होगा कि चोरी की योजना पहले से बनाई गई थी या मौके का फायदा उठाकर मशीन उठाई गई। CCTV फुटेज इस मामले में पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपी से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।