आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर कोटा में 3 शिक्षण संस्थानों के 78 शिक्षकों का सम्मान हुआ, शिक्षा और समाज निर्माण में योगदान को सराहा गया।
शिक्षकों का सम्मान
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। शिक्षकों का सम्मान करते हुए रोटरी क्लब पद्मिनी कोटा ने शिक्षक दिवस से पूर्व विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। क्लब की सदस्य पीयूषा न्याती के सहयोग से एमडी मिशन कॉलेज, लॉरेंस एंड मेयो स्कूल और जेडीबी कॉलेज में शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इन कार्यक्रमों में कुल 78 शिक्षकों को सम्मान मिला। क्लब अध्यक्ष दीप्ति राजावत ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते बल्कि उनके सपनों को दिशा और आत्मविश्वास भी देते हैं। यह पहल शिक्षा के व्यापक योगदान को रेखांकित करती है।
एमडी मिशन कॉलेज में 26, लॉरेंस एंड मेयो स्कूल में 17 और जेडीबी कॉलेज में 35 शिक्षकों का सम्मान किया गया। इस मौके पर एमडी मिशन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की निदेशक और शिक्षा विषय में पीएचडी रोटेरियन रश्मि दाधीच तथा ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में पीएचडी रोटेरियन शशि अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया। लॉरेंस एंड मेयो स्कूल के निदेशक और सर्वोदय स्कूल्स के अध्यक्ष रोटेरियन प्रदीप अग्रवाल को भी सम्मान मिला। कार्यक्रम में जेडीबी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सीमा चौहान मौजूद रहीं।
जेडीबी कॉलेज में वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रेरणा शर्मा, राजेंद्र माहेश्वरी और सपना बटला की मौजूदगी रही। क्लब की ओर से कार्यक्रमों में सहयोग के लिए रोटेरियन पीयूषा न्याती का आभार जताया गया। रोटेरियन सोनिया लखोटिया, प्रीति आनंद सहित क्लब की अन्य सदस्य भी इन आयोजनों में शामिल रहीं। दीप्ति राजावत ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सपनों को प्रेरणा, आत्मविश्वास और सही दिशा देने का काम करते हैं। उनके मुताबिक शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दीप्ति राजावत ने कहा कि शिक्षक दिवस गुरुजनों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जताने का अवसर है। उनके मुताबिक कक्षा में पढ़ाई के साथ शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने में भी योगदान देते हैं। रोटरी क्लब पद्मिनी की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में इसी सोच को केंद्र में रखा गया। 3 संस्थानों में हुए आयोजनों ने अलग अलग शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों को एक साथ सम्मान देने का अवसर दिया और उनके काम के प्रति सार्वजनिक सराहना का संदेश दिया।
इन आयोजनों के जरिए शिक्षकों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा बल्कि शिक्षा और समाज निर्माण में गुरुजनों की भूमिका को सामने लाने का प्रयास भी दिखा। कुल 78 शिक्षकों के साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। क्लब के अनुसार शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ उनके सपनों को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलती है और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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