BLA का दावा है कि 3 सितंबर को 2 हमलों में 25 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए, 2 जगह सेना के वाहनों को निशाना बनाया गया और हथियार कब्जे में लिए गए।
प्रतीकात्मक फोटो
बलूचिस्तान, पाकिस्तान। BLA का दावा है कि 3 सितंबर को पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ दो अलग अलग हमले किए गए। संगठन के मुताबिक इन घटनाओं में कुल 25 सुरक्षाकर्मी मारे गए। पहला हमला जियारत क्रॉस के पास सेना के काफिले पर हुआ जहां 18 जवानों के मारे जाने की बात कही गई है। दूसरा हमला सुराब के हाजीका इलाके में बताया गया है जहां 7 सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा है। हालांकि इन आंकड़ों की पाकिस्तानी अधिकारियों या किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। [1]
BLA के मुताबिक जियारत क्रॉस के पास सेना के एक काफिले को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने काफिले की 2 गाड़ियों को नष्ट कर दिया और 18 सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया। BLA का यह भी कहना है कि 5 घायल जवान वहां से निकलने में कामयाब रहे। हमलावरों ने काफिले से हथियार अपने कब्जे में लेने का दावा भी किया है। इस कार्रवाई में संगठन ने अपने फतेह स्क्वाड के शामिल होने की बात कही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दूसरे हमले को लेकर BLA ने सुराब के हाजीका इलाके का जिक्र किया है। संगठन के मुताबिक उसके विशेष सामरिक अभियान दस्ते ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को रिमोट के जरिए उड़ा दिया। इस घटना में 1 सैन्य वाहन नष्ट होने और 7 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है। BLA ने दोनों घटनाओं की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल मृतकों की संख्या को संगठन के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बलूचिस्तान में BLA लंबे समय से पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ सशस्त्र अभियान चला रहा है। हाल के महीनों में संगठन ने कई हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी जवानों के मारे जाने के दावे किए हैं। अगस्त में भी BLA ने 9 से 15 अगस्त के बीच 22 समन्वित हमलों का दावा किया था और 26 सुरक्षाकर्मियों की मौत की बात कही थी। अगस्त के अंत में मस्तुंग के पास सैन्य काफिले पर IED हमले में भी 13 सैनिकों को मारने का दावा किया गया था।
ताजा घटनाओं में BLA का दावा कितना सही है यह अभी साफ नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी पक्ष ने 25 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि नहीं की है। यही वजह है कि इन आंकड़ों को अंतिम तथ्य मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी दो अलग घटनाओं की जिम्मेदारी लेने से बलूचिस्तान में जारी सुरक्षा चुनौती का अंदाजा मिलता है। BLA का दावा फिलहाल इस खबर का मुख्य आधार है और आगे पाकिस्तानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया या स्वतंत्र जांच से तस्वीर साफ हो सकती है। तब तक मृतकों की संख्या को अपुष्ट दावा ही माना जाना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट में बताई गई मृतकों की संख्या BLA के दावे पर आधारित है जिसकी स्वतंत्र या पाकिस्तानी अधिकारियों से पुष्टि नहीं हुई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।