3 बच्चों संग महिला पहलवान ने किले से लगाई छलांग, 2 बच्चों की मौत, 1 बेटी गंभीर, पिता ने घरेलू प्रताड़ना के आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी।
महिला पहलवान
धाराशिव, महाराष्ट्र। पहलवान की मौत ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौल ने अपने 3 बच्चों के साथ नलदुर्ग किले की उपली बुर्ज से करीब 100 फुट गहरी खाई में छलांग लगा दी। पुलिस के मुताबिक अश्विनी और उनके साढ़े 5 साल के बेटे अजिंक्य की मौके पर मौत हो गई। उनकी ढाई साल की जुड़वां बेटी क्रांति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरी बेटी वीरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। मामला अब पुलिस जांच में है। [1]
मैदान में पदक जीतने वाली महिला पहलवान अश्विनी को महाराष्ट्र की टाइग्रेस कहा जाता था। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीते थे। लेकिन पहलवान की मौत ने एक कड़वा सवाल खड़ा कर दिया कि जिस महिला ने खेल के मैदान में इतने मुकाबले जीते, उसके निजी जीवन में आखिर ऐसी कौन सी लड़ाई चल रही थी। अश्विनी के पिता ने पति और ससुराल वालों पर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक अश्विनी 3 बच्चों के साथ किले पहुंची थीं। उन्होंने प्रवेश के दौरान कर्मचारियों से कहा था कि उनके पति पीछे आ रहे हैं। उनके पास केक और चॉकलेट भी थी। यहीं से कहानी बेचैन करने वाले सवाल छोड़ती है। आखिर उस दिन क्या हुआ और कब हालात इतने बिगड़ गए कि वह बच्चों के साथ खाई में कूद गईं। पुलिस ने नलदुर्ग थाने में मामला दर्ज किया है। फिलहाल किसी एक वजह को अंतिम सच मानना ठीक नहीं होगा। जांच से ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।
महिला पहलवान अश्विनी पहले महाराष्ट्र सुरक्षा बल में नौकरी करती थीं और कुछ महीने पहले नौकरी छोड़ चुकी थीं। परिवार के मुताबिक वह पिछले 3 महीनों से मायके में रह रही थीं। पिता का आरोप है कि ससुराल में उन्हें परेशान किया गया। अब पुलिस पति और ससुराल पक्ष से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। पहलवान की मौत के बाद सवाल यह भी है कि क्या परिवार या आसपास के लोगों को उनके तनाव का अंदाजा था। समाज अक्सर संकट की आवाज तब सुनता है, जब बहुत देर हो चुकी होती है।
इस घटना में जरूरी बात यह है कि जांच से पहले आरोपों को फैसला न बनाया जाए। अश्विनी की खेल उपलब्धियां बताती हैं कि वह मजबूत और संघर्षशील खिलाड़ी थीं, लेकिन निजी परेशानी बाहर से हमेशा दिखाई नहीं देती। एक बेटी अभी गंभीर हालत में जिंदगी से जूझ रही है और परिवार ने 2 बच्चों को खो दिया है। पहलवान की मौत इसलिए सिर्फ एक दुखद खबर नहीं, बल्कि घरेलू तनाव और समय पर मदद की जरूरत पर सवाल है। पुलिस जांच इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।