जम्मू और कश्मीर

जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर, पढ़ाई से लोगों ने बदली तस्वीर, रचा इतिहास

98.43% साक्षरता के साथ जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया। वयस्क शिक्षा में मिली इस सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

श्रीनगर, जम्मू कश्मीर। जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर होने की घोषणा के साथ केंद्र शासित प्रदेश ने वयस्क शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। शिक्षा मंत्री साकिना इटू ने 4 सितंबर को बताया कि ULLAS नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जम्मू कश्मीर ने 98.43 प्रतिशत साक्षरता दर दर्ज की है। मंत्री ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सीखने वाले लोगों के सामूहिक प्रयास को इसका श्रेय दिया। इससे जम्मू कश्मीर अब पूर्ण साक्षर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में शामिल हो गया है।  [1]

बड़ी सफलता

जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर घोषित होने की उपलब्धि ULLAS के तहत वयस्कों को पढ़ने लिखने और जरूरी बुनियादी कौशल सिखाने के अभियान से जुड़ी है। अगस्त में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया था कि जम्मू कश्मीर में 1,80,317 गैर साक्षरों की पहचान हुई थी और इनमें से 1,78,680 शिक्षार्थियों ने आकलन सफलतापूर्वक पास किया। इससे सफलता दर 99.09 प्रतिशत रही। शिक्षा मंत्री की ताजा घोषणा में 98.43 प्रतिशत साक्षरता दर का उल्लेख किया गया है। दोनों आंकड़े अलग आकलन संदर्भों से जुड़े हैं इसलिए उन्हें एक ही सूचकांक मानना उचित नहीं होगा।

ULLAS यानी Understanding Lifelong Learning for All in Society केंद्र सरकार का वयस्क शिक्षा कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन लोगों को शिक्षा का अवसर देना है जो किसी कारण से औपचारिक स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर सके। कार्यक्रम में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के अलावा जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यावसायिक कौशल और सतत शिक्षा पर भी जोर दिया जाता है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों से जुड़ी है और देश में जन जन साक्षरता की दिशा में काम कर रही है।

अब आगे की चुनौती

जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर की घोषणा के बावजूद अभियान को आगे जारी रखने की जरूरत पर खुद शिक्षा मंत्री ने जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह मंजिल नहीं बल्कि नए अध्याय की शुरुआत है। उनके मुताबिक शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और शिक्षार्थियों ने मिलकर शिक्षा को समुदायों तक पहुंचाया। अब चुनौती यह होगी कि जो लोग शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हैं उन्हें लगातार सीखने के अवसर मिलते रहें। खासकर दूरदराज के इलाकों में वयस्क शिक्षा को मजबूत करना और हासिल उपलब्धि को टिकाऊ बनाना अगला बड़ा काम माना जा रहा है।

जम्मू कश्मीर पूर्ण साक्षर होने के साथ जम्मू कश्मीर ULLAS के तहत ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला देश का 10वां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बना है। इससे पहले लद्दाख, मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम और उत्तराखंड यह दर्जा हासिल कर चुके हैं। सरकारी मानक के अनुसार 95 प्रतिशत या उससे अधिक साक्षरता को पूर्ण साक्षरता माना जाता है क्योंकि हर व्यक्ति को शत प्रतिशत साक्षर करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं माना जाता।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साक्षरता से जुड़े विभिन्न आंकड़े अलग आकलन पद्धतियों और समयावधियों से संबंधित हो सकते हैं तथा अंतिम आधिकारिक आंकड़ों में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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