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ईरान ने दक्षिण कोरिया को चेताया, सैन्य दखल का मतलब युद्ध में भागीदारी

ईरान ने दक्षिण कोरिया को साफ चेताया कि होर्मुज में किसी भी सैन्य दखल को युद्ध में सीधी भागीदारी माना जाएगा, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

तेहरान, ईरान। ईरान ने दक्षिण कोरिया को कड़ी चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अगर उसकी सेना किसी भी तरह ईरान के खिलाफ उतरी तो इसे सीधे युद्ध में शामिल होना माना जाएगा। WANA के अनुसार, वरिष्ठ ईरानी राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सियोल को अमेरिका के दबाव में आकर ऐसे कदम से बचना चाहिए जिसे तेहरान अपने खिलाफ सैन्य कार्रवाई मानता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब दक्षिण कोरिया की ओर से होर्मुज में संभावित सैन्य योगदान पर चर्चा तेज हुई है।  [1]

दक्षिण कोरिया को धमकी

ईरानी अधिकारी ने दक्षिण कोरिया से कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हित और अंतरराष्ट्रीय छवि को अमेरिकी नीतियों के लिए दांव पर न लगाए। उनके मुताबिक होर्मुज में असुरक्षा की जड़ अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई में है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की दक्षिण कोरियाई मदद या सैन्य मौजूदगी को ईरान अपने खिलाफ आक्रामक कार्रवाई मानेगा। इस बयान से साफ है कि तेहरान संभावित विदेशी सैन्य भागीदारी को केवल समुद्री सुरक्षा अभियान के रूप में नहीं देख रहा है।

दक्षिण कोरिया के सैन्य और गैर सैन्य विकल्पों पर विचार की खबरों के बीच ईरान की कड़ी धमकी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार सियोल होर्मुज में समुद्री गश्ती विमान, रसद सहायता पोत या अन्य सहायता देने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। हालांकि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि किसी तैनाती पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सियोल की ओर से कहा गया है कि वह जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय शांति में व्यावहारिक योगदान के विकल्पों पर चर्चा कर रहा है।

अमेरिकी दबाव का असर

दक्षिण कोरिया के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि वह अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है और होर्मुज से ऊर्जा आपूर्ति उसके लिए बेहद अहम है। दूसरी ओर संभावित सैन्य तैनाती के खिलाफ ईरान की चेतावनी किसी भी कदम का जोखिम बढ़ा सकती है। तेहरान ने यह भी कहा है कि वह ईरानी जनता और उसके अधिकारों के खिलाफ किसी मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे में सियोल को सुरक्षा सहयोग, घरेलू राजनीतिक सहमति और क्षेत्रीय टकराव के खतरे के बीच संतुलन बनाना होगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के अहम ऊर्जा मार्गों में है और यहां किसी नए सैन्य टकराव का असर सिर्फ ईरान और दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान की कड़ी धमकी के बाद संभावित तैनाती को लेकर दबाव और बढ़ गया है। अगर दक्षिण कोरिया सैन्य संसाधन भेजता है तो तेहरान इसे युद्ध में भागीदारी मान सकता है। वहीं अगर सियोल पीछे रहता है तो उस पर अमेरिकी सहयोगियों के साथ खड़े होने का दबाव बढ़ सकता है। अब अगला फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दक्षिण कोरिया की संभावित सैन्य तैनाती पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है और ईरान की चेतावनी संबंधित अधिकारी के बयान पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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