फर्जी आयकर अधिकारी बनकर कारोबारी और पत्नी को अगवा किया और 1 करोड़ मांगे। नकली रेड में धमकी और फर्जी वारंट का खेल खुला, 6 आरोपी गिरफ्तार और 3 फरार हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
मुंबई, महाराष्ट्र। फर्जी आयकर अधिकारी बनकर एक कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन ले जाने और उनसे 1 करोड़ रुपये मांगने का मामला सामने आया है। यह पूरा घटनाक्रम फिल्म स्पेशल 26 जैसा बताया जा रहा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंधेरी पुलिस ने इस मामले में 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने आयकर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कारोबारी पर कार्रवाई का डर दिखाया और कथित तौर पर पूरी रेड का नाटक रचा। [1]
मामला 17 जुलाई का बताया गया है। कारोबारी राजकुमार कंडासामी का चाकला में आंखों से जुड़े उपकरणों का कारोबार है। आरोप है कि पहले उनके कर्मचारियों को फोन कर कार्यालय में आयकर और क्राइम ब्रांच की रेड की बात बताई गई। इसके बाद कारोबारी को तुरंत कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। रास्ते में 2 लोगों ने खुद को आयकर अधिकारी बताया और कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र दिखाकर कारोबारी और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए।
कार्यालय पहुंचने पर कथित तौर पर 6 पुरुष और 3 महिलाएं मौजूद थे। आरोप है कि उनमें से एक ने फर्जी सर्च वारंट दिखाया और कारोबारी से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। टीम ने पहले 1.70 लाख रुपये नकद देने की बात कही और कथित टैक्स उल्लंघन पर 1.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगने की धमकी दी। इसके बाद कारोबारी से मामला खत्म करने और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये मांगे गए। कारोबारी ने आधिकारिक नोटिस मांगा तो कथित तौर पर उसे धमकाया गया।
मामले में कारोबारी के पूर्व ड्राइवर की भूमिका ने जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस के मुताबिक वह करीब 1 साल पहले नौकरी से अलग हुआ था और आरोप है कि उसने कारोबारी की आर्थिक स्थिति से जुड़ी अहम जानकारी दूसरे आरोपियों तक पहुंचाई। पुलिस को शक है कि इसी जानकारी के आधार पर कारोबारी को निशाना बनाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने मुंबई और पुणे में कार्रवाई कर फर्जी आयकर अधिकारी बनकर ठगी करने वाले 6 आरोपियों को पकड़ा। इस मामले में 3 अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में संतोष उदय खोपटकर, विनय रमेश मोरे, प्रेम किशन सबनानी, प्रज्ञा हरीश मेन, रेशमा शमराव वारंग और सबीना हाफिज शेख शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले भी इसी तरह के 3 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया गया। करीब 50 जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
कारोबारी को जब कथित रेड पर शक हुआ तो उसने चार्टर्ड अकाउंटेंट और आयकर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद उसे पता चला कि कोई आधिकारिक रेड नहीं हुई थी। तब उसने अंधेरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कथित अपहरण, पहचान छिपाकर अधिकारी बनने, जबरन वसूली और धमकी से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है। फर्जी आयकर अधिकारी बनकर किया गया यह पूरा खेल अब पुलिस की जांच के घेरे में है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं और आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाना बाकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।