मस्जिद के मलबे के नीचे 20 फीट गहरा कुआं मिला है। भारी स्लैब काटकर कुएं तक पहुंची टीम, प्रशासन ने ASI को सूचना दी। उम्र और इतिहास की जांच होगी।
20 फीट गहरा कुआं मिला
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश। कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के अगले दिन मलबा हटाने के दौरान 20 फीट गहरा कुआं मिला है। कुआं करीब 1.5 मीटर चौड़ा बताया गया है। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह मलबा हटाते समय कर्मचारियों को एक भारी स्लैब दिखाई दिया। उसे कटर से काटकर हटाया गया तो नीचे कुआं नजर आया। सहारनपुर के SDM सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और कुएं की उम्र तथा इतिहास पता करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को सूचना दी। [1]
अधिकारियों के मुताबिक कुआं करीब 20 फीट गहरा है और पहली नजर में यह लगभग एक सदी पुराना दिखाई देता है। हालांकि इसकी वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व अभी तय नहीं हुआ है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बारे में अंतिम जानकारी पुरातात्विक विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आएगी। कुएं को फिलहाल लोहे की चादर से ढक दिया गया है ताकि मिट्टी और मलबा उसके अंदर न गिरे। मौके पर पुलिस की तैनाती भी जारी है और आम लोगों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
20 फीट गहरा कुआं मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे कब बनाया गया था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता था। अधिकारियों के मुताबिक पुराने समय में पाइप से पानी की आपूर्ति आम नहीं थी इसलिए कुएं लोगों के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत होते थे। कई पुरानी मस्जिदों के आसपास वजू और स्नान के लिए भी कुएं होने की परंपरा रही है। इसलिए केवल कुआं मिलने से उसके धार्मिक या ऐतिहासिक संबंध को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
यह कुआं उस समय सामने आया है जब कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद को लेकर पहले से कानूनी विवाद चल रहा था। शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से मस्जिद को हटाया गया था। यह कार्रवाई करीब 16 घंटे चली। वर्ष 2025 में बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी ने शहर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका देकर ढांचे को कथित तौर पर अवैध बताया था। इसके बाद शहर मजिस्ट्रेट ने इसे अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी लेकिन 2 सितंबर को अदालत ने अपील खारिज कर दी। इसके बाद शनिवार को प्रशासन ने ढांचा हटाने की कार्रवाई की। अगले दिन मलबा हटाते समय 20 फीट गहरा कुआं सामने आने से मामले में एक नया पहलू जुड़ गया है। अब प्रशासन की नजर कुएं की वास्तविक उम्र और इतिहास पर है। ASI की विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह संरचना कितनी पुरानी है और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कुएं की उम्र और ऐतिहासिक महत्व को लेकर अभी अंतिम पुरातात्विक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और इस संबंध में किसी भी दावे की पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद ही होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।