बिहार के आरा जंक्शन के पास महानंदा एक्सप्रेस डिरेल हो गई। 2 कोच के पहिए पटरी से उतरे, यात्रियों में अफरातफरी मची, लेकिन कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
महानंदा एक्सप्रेस डिरेल
आरा, बिहार। दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस रविवार तड़के आरा जंक्शन से रवाना होने के कुछ ही देर बाद डिरेल हो गई। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना करीब 4 बजे हुई और ट्रेन के 2 डिब्बे पटरी से उतर गए। रेलवे के मुताबिक किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। ट्रेन की रफ्तार कम होने और सुरक्षा व्यवस्था काम करने से बड़ा नुकसान टल गया। घटना के बाद रेलवे की तकनीकी और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और परिचालन बहाल करने का काम शुरू किया। [विडियो] [1]
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन के चालक ने लाल सिग्नल को पार कर दिया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसके बाद ट्रेन को पीछे की ओर लूप लाइन की तरफ ले जाया गया और इसी दौरान डिब्बों के पहिए पटरी से उतर गए। हालांकि रेलवे ने साफ किया है कि यह शुरुआती जांच का निष्कर्ष है और विस्तृत जांच के बाद ही घटना की पूरी वजह स्पष्ट होगी। महानंदा एक्सप्रेस डिरेल होने के बाद रेलवे ने मौके पर तकनीकी टीम भेजकर ट्रैक और सिग्नल व्यवस्था की जांच शुरू कर दी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन आरा जंक्शन से निकलने के बाद कम गति से आगे बढ़ रही थी। इसी वजह से घटना का असर सीमित रहा। यात्रियों ने तेज आवाज और झटका महसूस किया जिसके बाद कुछ समय के लिए ट्रेन में घबराहट का माहौल बन गया। कई यात्री उस वक्त सो रहे थे। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित हिस्से को सुरक्षित किया और डिरेल हुए हिस्सों को वापस पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू की।
महानंदा एक्सप्रेस डिरेल होने के कारण अप लाइन पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे की टीम ने ट्रैक को साफ करने और डिब्बों को सुरक्षित करने का काम किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डाउन लाइन पर इसका सीधा असर नहीं पड़ा। रेलवे अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे ताकि दूसरे ट्रेनों का परिचालन जल्द सामान्य किया जा सके। घटना के बाद आरा और दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बहाली के काम की समीक्षा की। तकनीकी जांच भी साथ साथ जारी रही।
रेलवे के अनुसार ट्रेन बाद में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी आगे की यात्रा पर रवाना हो गई। इस घटना ने एक बार फिर सिग्नल और ट्रेन संचालन में सावधानी की अहमियत सामने ला दी है। फिलहाल रेलवे की विस्तृत जांच का इंतजार है जिससे यह साफ होगा कि लाल सिग्नल पार करने की स्थिति कैसे बनी और डिब्बे किस प्रक्रिया के दौरान पटरी से उतरे। महानंदा एक्सप्रेस डिरेल होने के बावजूद किसी यात्री के घायल नहीं होने से बड़ी राहत मिली है और अब जांच का फोकस जिम्मेदारी तय करने पर रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ट्रेन के डिरेल होने के कारणों से जुड़ी जानकारी प्रारंभिक जांच और रेलवे अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।