मोबाइल गुम होने पर जरा सी लापरवाही बैंक खाते, यूपीआई, ओटीपी और निजी डेटा को खतरे में डाल सकती है, राजस्थान पुलिस ने दी सलाह।
प्रतीकात्मक फोटो
जयपुर, राजस्थान। मोबाइल फोन गुम या चोरी होना अब सिर्फ एक डिवाइस खोने की बात नहीं रह गई है। फोन में बैंकिंग, यूपीआई, ईमेल, सोशल मीडिया, ओटीपी और निजी दस्तावेजों की जानकारी रहती है। इसलिए मोबाइल गुम होने पर तुरंत डिजिटल खातों की सुरक्षा करना जरूरी है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को सलाह दी है कि पहले फोन को रिमोट तरीके से लॉक करें और जरूरी खातों की सुरक्षा जांचें। पुलिस के मुताबिक थोड़ी सी देरी भी वित्तीय नुकसान और निजी जानकारी के दुरुपयोग का रास्ता खोल सकती है। [1]
एंड्रॉयड फोन के लिए Find My Device और आईफोन के लिए Find My iPhone की मदद से डिवाइस को तुरंत लॉक करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही यूपीआई और सिम को ब्लॉक कराने पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर फोन में बैंकिंग एप या दूसरे संवेदनशील खाते खुले हैं तो उनके पासवर्ड बदलना और रिकवरी विकल्पों की समीक्षा करना भी जरूरी है। पुलिस ने Gmail, ईमेल और सोशल मीडिया जैसे अहम खातों पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने की सलाह दी है।
फोन गुम होने के बाद उसकी तलाश के साथ डिजिटल सुरक्षा भी जरूरी है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें और नजदीकी थाने में गुम या चोरी होने की शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के बाद CEIR व्यवस्था के जरिए मोबाइल का IMEI ब्लॉक कराया जा सकता है, जिससे डिवाइस के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलती है। मोबाइल गुम होने पर इन कदमों को टालने के बजाय प्राथमिकता के साथ पूरा करना चाहिए। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर भी चोरी या गुम मोबाइल को अवरुद्ध करने की सुविधा उपलब्ध है।
अगर मोबाइल गुम होने के बाद किसी तरह की साइबर ठगी हो जाती है या ठगी की कोशिश होती है तो तुरंत शिकायत करना जरूरी है। राजस्थान पुलिस ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने की सलाह दी है। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में शिकायत की जा सकती है। राजस्थान पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क के लिए 9256001930 और 9257510100 नंबर भी बताए गए हैं। मोबाइल गुम होने पर इन माध्यमों से समय पर सूचना देने से नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस की इस एडवाइजरी का मकसद लोगों को यह समझाना है कि फोन खोने के बाद सिर्फ डिवाइस ढूंढना पर्याप्त नहीं है। उसमें मौजूद बैंकिंग और निजी जानकारी को सुरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। राजस्थान में सितंबर को साइबर सुरक्षित राजस्थान जागरूकता माह के तौर पर मनाया जा रहा है और पुलिस साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। इसलिए मोबाइल गुम होने पर घबराने के बजाय तय क्रम में डिजिटल खाते, यूपीआई, सिम और IMEI की सुरक्षा करना सबसे अहम कदम है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर सुरक्षा संबंधी कदम परिस्थितियों और संबंधित सेवा प्रदाता की प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकते हैं इसलिए आवश्यक स्थिति में संबंधित पुलिस या अधिकृत साइबर सहायता केंद्र से पुष्टि करना उचित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।