मौसम परिवर्तन से 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट। 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और कई जगह बिजली का खतरा है।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय नजर आ रहा है और मौसम विभाग ने 7 सितंबर के लिए 22 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ने और किसानों की फसलों पर असर पड़ने की भी आशंका है। [1]
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मौसम खराब रह सकता है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा और मेघालय भी चेतावनी वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। इन इलाकों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत बताई है।
इस दौरान कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। तेज झोंकों के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बढ़ सकता है। दिल्ली में मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को खुले इलाकों और कमजोर ढांचों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा खास तौर पर बताया गया है। लगातार पानी गिरने से पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने और यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। जम्मू कश्मीर में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वी हिस्सों में गरज चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम की इस स्थिति का असर खेती और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। भारी बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है जबकि तेज हवा से पेड़ और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अलग अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। ऐसे में स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। 22 राज्यों के लिए जारी बारिश का अलर्ट लोगों और प्रशासन दोनों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं और स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों को ही अंतिम माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।