सोना फिर चढ़ा, कमजोर डॉलर ने कीमतों को सहारा दिया और निवेशकों की नजर अब अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिक गई है। अब फेड की अगली नीति पर नजर।
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। सोना फिर चढ़ा और मंगलवार को इसकी कीमत 4432.79 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सोने को विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बना दिया। हाजिर सोने में 0.6 प्रतिशत की तेजी आई जबकि अमेरिकी सोना वायदा करीब 4478.40 डॉलर पर लगभग स्थिर रहा। अब बाजार की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर है क्योंकि इनके संकेत से फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को लेकर उम्मीदें बदल सकती हैं। [1]
सोना फिर चढ़ा तो इसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी रही। डॉलर इंडेक्स मंगलवार को 0.3 प्रतिशत नीचे आया। आम तौर पर डॉलर में कमजोरी से डॉलर में कीमत वाला सोना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सस्ता हो जाता है और इसकी मांग को सहारा मिल सकता है। हालांकि बाजार में अभी खरीदार और बिकवाल दोनों सक्रिय हैं। Pepperstone Group के क्रिस वेस्टन के मुताबिक सोने में फिलहाल दोनों पक्षों के बीच खींचतान चल रही है और कीमतों की दिशा पूरी तरह साफ नहीं है।
सोना फिर चढ़ा है लेकिन आगे की दिशा अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से तय हो सकती है। इस सप्ताह अमेरिका के Producer Price Index और Consumer Price Index के आंकड़े आने हैं। निवेशक इन आंकड़ों से यह समझने की कोशिश करेंगे कि महंगाई किस दिशा में जा रही है और फेड की अगली नीति क्या हो सकती है। मजबूत महंगाई से ब्याज दर बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है जबकि नरम आंकड़े दरों पर कम सख्ती की उम्मीद पैदा कर सकते हैं।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने भी बाजार की तस्वीर बदल दी है। हालिया मजबूत रोजगार वृद्धि और 4.1 प्रतिशत की बेरोजगारी दर ने फेड के सामने महंगाई से निपटने की चुनौती को फिर बढ़ाया है। कारोबारियों के आकलन में अगली बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 58.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऊंची ब्याज दर आम तौर पर सोने पर दबाव डाल सकती है क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता। इसलिए महंगाई और फेड के संकेत सोने की अगली चाल के लिए बेहद अहम हैं।
सोना फिर चढ़ा है और इसके पीछे केवल डॉलर या ब्याज दरों की कहानी नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। ईरान की धमकियों और मिसाइल गतिविधियों के बीच बाजार में भू राजनीतिक जोखिम बना हुआ है। ऐसी अनिश्चितता में सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आगे सिर्फ ब्याज दर का फैसला ही महत्वपूर्ण नहीं होगा बल्कि फेड और अमेरिकी ट्रेजरी के व्यापक संकेत भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
सोने के साथ दूसरे कीमती धातुओं में भी तेजी दिखी। चांदी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 66.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची जबकि प्लेटिनम 0.6 प्रतिशत चढ़कर 1837.13 डॉलर और पैलेडियम 0.6 प्रतिशत बढ़कर 1396.70 डॉलर पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता का असर पूरे कीमती धातु बाजार पर दिख रहा है। हालांकि आगे अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने के बाद तस्वीर बदल सकती है। ऐसे में सोना फिर चढ़ा है लेकिन इसकी तेजी कितनी टिकती है इस पर नजर बनी रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सोने और अन्य कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, महंगाई और भू राजनीतिक घटनाओं के कारण तेजी से बदल सकती हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।