महिला सिपाही का अश्लील फोटो वायरल कर नंबर फेसबुक पर डालने का आरोप है। कॉल और मैसेज से परेशान पुलिसकर्मी ने शिकायत की, फर्जी आईडी की जांच तेज।
प्रतीकात्मक फोटो
गोरखपुर उत्तर प्रदेश। शहर के एक थाने में तैनात 26 वर्षीय महिला आरक्षी खुद साइबर उत्पीड़न की शिकार हो गई। उसका अश्लील फोटो वायरल करने के साथ मोबाइल नंबर फेसबुक पर डाल दिया गया। इसके बाद अलग अलग नंबरों से लगातार आपत्तिजनक कॉल और संदेश आने लगे। परेशान महिला सिपाही ने मोबाइल बंद कर दिया और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने 3 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि अपराध रोकने वाली पुलिसकर्मी ही डिजिटल उत्पीड़न का निशाना बनी है। [1]
बलिया की रहने वाली महिला सिपाही ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त को वह थाने में सरकारी काम कर रही थी। उसी दौरान उसके मोबाइल पर लगातार अनजान नंबरों से कॉल आने लगीं। थोड़ी देर बाद व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश और आपत्तिजनक फोटो भेजे जाने लगे। एक कॉलर से सख्ती से पूछताछ करने पर फर्जी फेसबुक आईडी की जानकारी मिली। इस आईडी पर महिला सिपाही का अश्लील फोटो और नंबर डालकर लोगों को उससे आपत्तिजनक बातचीत के लिए उकसाया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक फर्जी प्रोफाइल के जरिए महिला का नंबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग कॉल और मैसेज करने लगे। लगातार परेशान किए जाने से उसकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा। शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एक दरोगा को सौंपी गई है। टीम फेसबुक आईडी, प्रोफाइल के यूआरएल और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है। सोमवार को कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है।
जांच के दौरान जमीन विवाद से जुड़े पारिवारिक लोगों पर भी संदेह जताया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी को आरोपी नहीं ठहराया है और सभी पहलुओं की जांच जारी है। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने कहा है कि आरोपी की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच का बड़ा आधार वह फर्जी प्रोफाइल और उससे जुड़े नंबर हैं जिनसे महिला की निजी जानकारी फैलाने का आरोप है। अश्लील फोटो वायरल होने के मामले में पुलिस डिजिटल सबूत जुटाने पर जोर दे रही है।
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर किसी की तस्वीर और मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल कितनी तेजी से परेशानी बढ़ा सकता है। पुलिस अब डिजिटल निशानों के जरिए उस व्यक्ति या समूह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने फर्जी पहचान बनाकर सामग्री प्रसारित की। अश्लील फोटो वायरल होने के बाद आए कॉल और संदेश जांच में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। महिला की शिकायत के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है और आरोपी की पहचान का इंतजार है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में आरोपों की जांच अभी जारी है और किसी व्यक्ति की संलिप्तता अदालत या सक्षम जांच के अंतिम निष्कर्ष के बिना सिद्ध नहीं मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।