गुरप्रीत सिंह सेखों को लेकर पुलिस डोजियर में 49 केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई। हत्या, फिरौती, डकैती, अपहरण और गैंग कनेक्शन जैसे गंभीर आरोप।
गुरप्रीत सिंह सेखों - फाइल फोटो
चंडीगढ़, पंजाब। पुलिस डोजियर में 49 केस सामने आने के बाद गुरप्रीत सिंह सेखों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। 38 वर्षीय सेखों को हाल ही में आम आदमी पार्टी में शामिल किया गया है। उनके खिलाफ पुलिस डोजियर में 49 केस दर्ज हैं जबकि हिन्दुस्तान टाइम्स को उपलब्ध विस्तृत डोजियर में करीब 45 मामले और FIR दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, फिरौती, लूट, डकैती, अपहरण, साजिश और हथियारों से जुड़े आरोप शामिल हैं। [1]
पुलिस के पुराने रिकॉर्ड के अनुसार सेखों को पहली बार 2012 में Arms Act के तहत बुक किया गया था। इसके बाद उनका नाम जयपाल भुल्लर गैंग से जुड़ा और बाद में शेरा खुब्बन तथा विक्की गोंडर जैसे चर्चित गैंगस्टरों से संबंध बताए गए। पुलिस रिकॉर्ड में उनके 108 आपराधिक सहयोगियों से संपर्क का भी उल्लेख है। इनमें पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा का नाम भी दर्ज है। 2021 में सेखों और रिंदा के खिलाफ मोहाली SSOC ने फिरौती के मामले में केस दर्ज किया था।
डोजियर में IPC की धारा 302 और 307 समेत फिरौती, लूट, डकैती, अपहरण और जान से मारने की धमकी देकर वसूली से जुड़ी धाराओं का उल्लेख है। सेखों का नाम 2015 में गैंगस्टर सुखा काहलवां की हत्या के मामले में भी सामने आया था। पुलिस ने उन्हें इस केस में प्रमुख आरोपी बताया था लेकिन बाद में वह बरी हो गए। अदालत में पुलिसकर्मियों ने उनकी पहचान नहीं की थी। इसलिए इस मामले को रिपोर्ट करते समय आरोप और बाद में हुई बरी होने की स्थिति दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।
सेखों का नाम 2016 के चर्चित नाभा हाई सिक्योरिटी जेलब्रेक मामले में भी आया। पुलिस के अनुसार उन्होंने जेल के भीतर से योजना बनाने में भूमिका निभाई थी जबकि उनके सहयोगियों ने बाहर से हमला किया था। इस घटना में हथियारबंद लोगों ने जेल पर हमला किया और 6 कैदी भाग निकले। बाद में सेखों समेत कुछ आरोपियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। नवंबर 2023 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान उनकी सजा निलंबित कर दी और उनकी अपील अभी लंबित बताई गई है।
हाल के वर्षों में सेखों ने खुद को बदले हुए व्यक्ति और समाजसेवी के तौर पर पेश किया है। उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने गरीब परिवारों की बेटियों की शादियों में मदद की, स्थानीय सड़कों के निर्माण में योगदान दिया और बाढ़ के दौरान राशन तथा राहत सामग्री बांटी। इसी छवि के साथ उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने की कोशिश की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने AAP में शामिल करते समय उनके बदलाव और सार्वजनिक सेवा की बात कही। हालांकि पुलिस डोजियर में 49 केस का रिकॉर्ड सामने आने के बाद इस राजनीतिक फैसले पर सवाल फिर उठ रहे हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में दर्ज आपराधिक मामलों और आरोपों को संबंधित पुलिस रिकॉर्ड तथा न्यायिक स्थिति के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और किसी आरोप को दोषसिद्धि के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।