श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व बारह सितंबर के अवसर पर स्वर्ण मंदिर की अलौकिक सजावट और इतिहास की खास बातें जानिए।
प्रकाश पर्व के लिए भव्य सजावट
अमृतसर, पंजाब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व बारह सितंबर को बहुत ही भव्य और पावन तरीके से मनाया जाएगा जिसमें देश और दुनिया के तमाम भक्तगण शामिल होंगे। इस पवित्र और ऐतिहासिक अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब को सजाने के लिए दुनिया भर से अनगिनत फूलों का अद्भुत उपयोग किया जा रहा है। [विडियो]
इस बार के प्रकाश पर्व के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब परिसर को सजाने के लिए 50 टन से अधिक फूलों का भव्य और आकर्षक इस्तेमाल किया जा रहा है जो इसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विशाल सजावट कार्य को पूरी तन्मयता से पूरा करने के लिए 200 से ज्यादा समर्पित सेवादार दिन रात लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इन फूलों को दुनिया के 12 से अधिक देशों से विशेष रूप से आयात किया गया है ताकि दरबार साहिब की भव्यता को एक नया रूप दिया जा सके और आने वाले हर श्रद्धालु को एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। इस सजावट में कई दुर्लभ प्रजाति के फूल शामिल हैं जिनकी भीनी खुशबू से पूरा परिसर महक उठा है और हर कोई इस सुंदरता को अपने कैमरे में कैद करने के लिए बेताब दिखाई दे रहा है।
Amritsar, Punjab: Sri Guru Granth Sahib Ji’s first Prakash Purab will be celebrated on September 12. Sri Harmandir Sahib and Sri Akal Takht Sahib will be decorated with over 50 tonnes of flowers. More than 200 volunteers are involved in the decoration, with 60 varieties of… pic.twitter.com/2XmIMQz6LW
— IANS (@ians_india) September 10, 2026
सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब का इतिहास सिखों के धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण और गौरवशाली स्थान रखता है जिसकी स्थापना और पवित्रता का इतिहास सदियों पुराना है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व सिखों के लिए सबसे बड़े और पवित्र आयोजनों में से एक माना जाता है जिसका आरंभ गुरु अर्जुन देव जी के समय से जुड़ा हुआ है।
इस पवित्र ग्रंथ में दर्ज शबद और उपदेश पूरी मानवता को शांति और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं जो आज के आधुनिक युग में भी बेहद प्रासंगिक हैं। इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि कैसे विभिन्न कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद इस पावन स्थल ने हमेशा मानवता की रक्षा का संदेश दिया है और पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोकर रखने का अनूठा कार्य किया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत लेख सिख इतिहास और प्रकाश पर्व के आयोजनों की गरिमा को समर्पित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।