मृत महिला की एफडी से 29.83 लाख की रकम कथित तौर पर निकाली गई, फर्जी फॉर्म से नंबर बदले गए और बैंक के पूर्व मैनेजर समेत 2 गिरफ्तार हुए केस में।
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। मुंबई में एक मृत महिला के बैंक खाते से करीब 29.83 लाख रुपये कथित तौर पर निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि महिला की मौत के बाद उसके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल दिए गए। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी ग्राहक अनुरोध फॉर्म का इस्तेमाल किया गया। इसी बदलाव के बाद मृत महिला की एफडी समय से पहले बंद कराकर रकम अलग अलग खातों में भेजी गई। TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले में निजी बैंक की Chowpatty शाखा के पूर्व मैनेजर Rahul Panjwani और कर्मचारी Abhishek Verma को गिरफ्तार किया गया है। [1]
मामला तब खुला जब बैंक को दिवंगत ग्राहक Vimla Patil के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल में बिना अनुमति बदलाव की शिकायत मिली। बैंक की अंदरूनी जांच में पता चला कि जुलाई 2025 में Tardeo शाखा में ग्राहक अनुरोध फॉर्म जमा किया गया था। पुलिस के मुताबिक फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते थे। जांच के दौरान कर्मचारी Abhishek Verma ने कथित तौर पर बताया कि उसे Panjwani ने ये बदलाव करने को कहा था। इसके बाद बदली हुई जानकारी के सहारे खाते तक पहुंच बनाई गई और मृत महिला की एफडी समय से पहले बंद कराई गईं।
पुलिस के मुताबिक बंद की गई दोनों एफडी की कुल रकम करीब 14.87 लाख रुपये थी। इसके बाद खाते से निकली रकम को RTGS, NEFT, UPI, IMPS और मोबाइल बैंकिंग के जरिए कई खातों में भेजे जाने का आरोप है। जांच में 5 लाख रुपये के 3 RTGS ट्रांजैक्शन भी सामने आए, जो दूसरे बैंक के एक खाते में भेजे गए थे। पुलिस को लेनदेन के रिकॉर्ड में कुछ रकम के Jewellery outlets तक पहुंचने के संकेत भी मिले हैं। अब जांच का अहम हिस्सा पैसों की पूरी आवाजाही और कथित तौर पर इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
इस मामले में बैंक ने Panjwani, Verma और Ram Pal पर मिलकर मृत ग्राहक के नाम से फर्जी अनुरोध फॉर्म तैयार करने और कथित तौर पर उनके हस्ताक्षर की नकल करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने Panjwani और Verma को गिरफ्तार कर लिया है जबकि Ram Pal फरार बताया गया है। Central Cyber Police अब कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बदली गई जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया गया और रकम किन किन खातों तक पहुंची। इस जांच में बैंक रिकॉर्ड, लेनदेन और दस्तावेज अहम सबूत माने जा रहे हैं।
पुलिस अब कथित धोखाधड़ी में पैसों के पूरे ट्रेल और सभी संदिग्ध भूमिकाओं की जांच कर रही है। मृत महिला की एफडी से जुड़ी रकम को कथित तौर पर निकालने के लिए खाते की संपर्क जानकारी बदलना इस मामले का सबसे अहम पहलू माना जा रहा है। बैंक की आंतरिक जांच से शुरू हुई पड़ताल अब साइबर पुलिस की जांच तक पहुंच चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपी की तलाश भी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कथित साजिश में किसकी कितनी भूमिका थी और रकम का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और आरोपियों की दोषसिद्धि सक्षम न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।