इंदौर में 100 करोड़ की जमीन से कब्जा हटाया। 50 से ज्यादा दुकानें और 45 से अधिक अवैध फैक्ट्रियां ध्वस्त हुईं, 15 पर केस और 6 गिरफ्तार हुए।
100 करोड़ की जमीन मुक्त
इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर में 100 करोड़ की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के बाद कान्ह नदी के किनारे बुधवार को अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई गई। साउथ टोडा इलाके में 50 से ज्यादा अवैध दुकानें और 45 से अधिक अनधिकृत फैक्ट्रियां हटाई गईं। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के दौरान विरोध हुआ और पुलिस अधिकारी से धक्का मुक्की भी हुई। इस मामले में 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई और 6 लोग गिरफ्तार किए गए। [1]
100 करोड़ की जमीन से जुड़े इस एक्शन की जड़ कान्ह नदी के आसपास बने अवैध निर्माण थे। एनजीटी के निर्देश के तहत नदी के किनारे से 30 मीटर के दायरे में मौजूद अवैध ढांचों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुक्त कराई गई करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन की बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रशासन का कहना है कि इन कब्जों से नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा था। एसडीएम घनश्याम धंगर के मुताबिक जमीन पर दोबारा प्रशासन का कब्जा लिया गया है और आगे नदी किनारे का स्वरूप सुधारने की तैयारी है।
अभियान के दौरान कब्जाधारियों और प्रशासन की टीम के बीच तनाव बढ़ गया। भीड़ को हटाने की कोशिश में एक व्यक्ति ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया, जिससे वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े। पुलिस के मुताबिक सरकारी काम में बाधा डालने, शांति भंग करने और अन्य आरोपों में 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई के बाद नदी के किनारों को फिर से व्यवस्थित किया जाएगा और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई का असर सिर्फ अवैध दुकानों और फैक्ट्रियों को हटाने तक सीमित नहीं है। 100 करोड़ की जमीन मुक्त होने के बाद अब नदी किनारे की जमीन को व्यवस्थित करने की योजना सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक कान्ह नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर करने के लिए किनारों को दोबारा तय किया जाएगा। साथ ही आसपास का क्षेत्र विकसित और सुंदर बनाने की तैयारी है। कार्रवाई के दौरान हुए विरोध और गिरफ्तारियों ने अभियान को चर्चा में ला दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नदी किनारे नियमों के खिलाफ बने निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अतिक्रमण हटाने और भूमि के मूल्य से जुड़े दावे संबंधित प्रशासन और अधिकारियों के बयानों पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।