डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान युद्ध नवंबर के मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद खत्म हो सकता है। सलाहकारों की अलग आशंका भी सामने आई।
President Donald Trump leaves the RNC Midterm Convention in Dallas on Wednesday. (AP Photo)
वॉशिंगटन, अमेरिका। ईरान युद्ध पर ट्रंप का नया बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध नवंबर के मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद खत्म हो जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ व्हाइट हाउस सलाहकार संघर्ष के 2029 तक खिंचने की आशंका जता रहे हैं। [1]
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान लंबे समय तक युद्ध जारी नहीं रख सकता और इसलिए चुनाव के बाद संघर्ष खत्म हो जाएगा। उनका आकलन अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव से जुड़ा है। ट्रंप ने ईरान पर मध्यावधि चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप भी लगाया। हालांकि उनके इस दावे के समर्थन में रिपोर्ट में कोई अंतिम प्रमाण नहीं बताया गया है। युद्ध की वास्तविक स्थिति और उसके संभावित अंत को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी अलग अलग आकलन सामने आ रहे हैं।
ईरान युद्ध पर ट्रंप के बयान से अलग कुछ अमेरिकी अधिकारियों और सलाहकारों की आशंका ज्यादा लंबी लड़ाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक संघर्ष 2029 तक जारी रहने की संभावना को लेकर भी चर्चा है। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी नेतृत्व के सार्वजनिक बयान और आंतरिक आकलन में अंतर हो सकता है। लंबा युद्ध अमेरिका की विदेश नीति अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकता है। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है।
नवंबर के मध्यावधि चुनाव अमेरिकी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण हैं। ट्रंप का दावा है कि चुनाव के बाद युद्ध खत्म हो सकता है लेकिन संघर्ष का वास्तविक भविष्य कई सैन्य और कूटनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबे समय से वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर रहा है। तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने से ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी गई है। ऐसे में युद्ध का लंबा खिंचना भारत समेत तेल आयात करने वाले देशों के लिए भी आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। युद्ध की अवधि और भविष्य से जुड़े सभी अनुमान परिस्थितियों पर निर्भर हैं और उन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।