बिहार में बाढ़ से 15 जिलों के 46.88 लाख लोग प्रभावित हैं, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं और राहत बचाव अभियान तेज किया गया है। हालात गंभीर हैं।
बिहार में बाढ़
पटना, बिहार। बिहार में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही और राज्य के 15 जिलों में 46.88 लाख लोग प्रभावित हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतें इसकी चपेट में हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं। लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से नदियां और धाराएं उफन रही हैं। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। [1]
बिहार में बाढ़ के बीच सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार सुबह 36.62 मीटर था, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर रहा, हालांकि पानी घटने का रुझान बताया गया है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दुमरिया घाट, बालतारा, कुरसेला, खगड़िया, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव, मुंगेर, श्रीपालपुर, बेनीबाद, दरौली और गंगपुर सिसवन में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं और 15 राहत शिविरों में 11255 लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा तथा सुविधाओं की व्यवस्था है। अब तक 3.10 लाख पॉलीथिन शीट और 48300 सूखा राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए 1922 नावें चल रही हैं, जबकि पशुओं के लिए 7535 क्विंटल चारा वितरित किया गया है। राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ तथा 10 एनडीआरएफ टीमें अलग अलग जिलों में तैनात हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों में कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश और एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
बिहार में बाढ़ के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी है, लेकिन कई नदियों के खतरे के निशान से ऊपर रहने से चुनौती खत्म नहीं हुई है। ताजा आंकड़ों में प्रभावित आबादी 46.88 लाख तक पहुंच चुकी है और पानी 15 जिलों में असर डाल रहा है। राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, नावों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के जरिए लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है। अगले 2 दिनों में बारिश की संभावना के चलते संवेदनशील इलाकों में निगरानी जरूरी है। प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षित निकासी, भोजन, इलाज और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बनाए रखना है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बाढ़ की स्थिति, जलस्तर और प्रभावित लोगों की संख्या बदलती परिस्थितियों के साथ बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।