नकली शराब कांड में मुख्य आरोपी रवि लखेड़ा मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। 16 मौतों के बीच CM ने कहा, किसी दोषी को नहीं बख्शेंगे और सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य आरोपी
सागर, मध्य प्रदेश। नकली शराब कांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि लखेड़ा को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया है। उसे सागर जिले के बरायथा जंगल में घेरा गया, जहां दोनों तरफ से गोली चली। आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के बांदा अस्पताल ले जाया गया। उसके साथ बाइक पर मौजूद दो साथी मौके से भाग निकले। 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 32 लोग अलग अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। [1]
पुलिस के मुताबिक रवि लखेड़ा की उम्र 45 साल है और वह उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों पर करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें ज्यादातर मामले आबकारी कानून से जुड़े हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि वह नकली शराब बनाने और इसके लिए जरूरी सामग्री जुटाने में माहिर था। उसके खिलाफ सागर के बहेरिया थाने में 2025 में अवैध शराब बनाने का मामला भी दर्ज था।
जांच में सामने आया है कि लखेड़ा पर लाइसेंसी शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर नकली शराब बनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार तैयार शराब को पेडलरों के जरिए सागर जिले में पहुंचाया जाता था। मामले में 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है और 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए हैं। सरकार ने राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चलाने और ऐसी घटनाओं के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई का दावा किया है। नकली शराब कांड की जांच जारी है।
इस मामले में राजनीतिक आरोप भी तेज हो गए हैं। माकपा ने सरकार पर शराब माफिया को बचाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सागर पुलिस की उस शुरुआती बात पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें कथित तौर पर शराब की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात कही गई थी। उधर पुलिस कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को जांच में अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब बाकी आरोपियों तक पहुंचने और कथित सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस दौरान आरोपों और दावों की जांच भी जारी है।
नकली शराब कांड के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सरकार किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को नहीं बख्शेगी और राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार रवि लखेड़ा की हालत स्थिर है और उसका इलाज चल रहा है। घटना में 32 लोग अभी अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जांच में अब यह पता लगाना अहम होगा कि नकली शराब कहां तैयार हुई, सामग्री किसने जुटाई और इसे लोगों तक पहुंचाने में कौन कौन शामिल था।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले की जांच जारी होने के कारण आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों में जांच के दौरान बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।