देशव्यापी बैंक हड़ताल में उठी 5 दिन काम की मांग। 1 दिन की सांकेतिक हड़ताल में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने लंबित वेतन मुद्दों के समाधान की भी मांग उठाई।
बैंक हड़ताल
नई दिल्ली, दिल्ली। 5 दिन काम की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार 11 सितंबर को देशभर में 1 दिन की हड़ताल की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर कर्मचारी अलग अलग शहरों में शाखाओं के बाहर जुटे और नारेबाजी की। आउटलेट इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन की छुट्टी लागू करना रहा। कर्मचारियों ने लंबित वेतन से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग भी उठाई। देश के कई हिस्सों में बैंक हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज पर असर पड़ा। [1]
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग यह है कि बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिन काम की व्यवस्था तत्काल लागू की जाए। मौजूदा व्यवस्था में कई शनिवार बैंकिंग कामकाज से जुड़े होते हैं और कर्मचारी लंबे समय से सभी शनिवार को छुट्टी के दायरे में लाने की मांग करते रहे हैं। शुक्रवार को पटना, रांची, अहमदाबाद, अमृतसर और चेन्नई समेत कई शहरों में कर्मचारी बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते दिखाई दिए। कई जगह बैंक शाखाओं के बाहर नारे लगाए गए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कामकाजी परिस्थितियों में सुधार की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
5 दिन काम की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन की तस्वीरें देश के अलग अलग हिस्सों से सामने आईं। जम्मू में कर्मचारियों ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया तो कोलकाता में पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के बाहर नारेबाजी हुई। राजकोट में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर भी कर्मचारी प्रदर्शन करते दिखे। कर्नाटक के हुबली में कर्मचारियों ने विरोध मार्च निकाला। पश्चिम बंगाल के शांतिपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाहर और जबलपुर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाहर भी कर्मचारी मांगों के समर्थन में जुटे। बैंक हड़ताल के दौरान इन प्रदर्शनों से कर्मचारियों की मांगों के देशव्यापी स्वरूप का अंदाजा लगा।
बैंक कर्मचारियों की मांग सिर्फ 5 दिन काम की व्यवस्था तक सीमित नहीं रही। प्रदर्शन के दौरान लंबित वेतन से जुड़े मुद्दों को भी जल्द सुलझाने की मांग की गई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े दूसरे मुद्दों को भी उठाया। कर्मचारियों का जोर इस बात पर रहा कि 5 दिन का कार्य सप्ताह जल्द लागू किया जाए और लंबित मुद्दों पर ठोस समाधान निकले। प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में बैंक शाखाओं के बाहर कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाई। इससे यह मुद्दा एक बार फिर बैंकिंग क्षेत्र में काम के दिनों और कर्मचारियों की सुविधाओं की बहस के केंद्र में आ गया।
देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण कई बैंक शाखाओं में नियमित सेवाएं प्रभावित हुईं। कुछ जगहों पर ग्राहकों को बंद शाखाओं के बाहर इंतजार करते देखा गया। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं इस तरह की शाखा आधारित हड़ताल से अलग माध्यम से उपलब्ध रहती हैं। प्रदर्शन की वजह से नकद लेनदेन, शाखा स्तर के काम और आमने सामने होने वाली बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। बैंक कर्मचारियों ने साफ किया कि उनकी प्रमुख मांग 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करने की है। अब आगे की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंकिंग क्षेत्र और संबंधित पक्ष कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या नहीं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का प्रभाव अलग अलग शाखाओं और सेवाओं के अनुसार भिन्न हो सकता है तथा कर्मचारियों की मांगों पर आगे होने वाले निर्णय बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।