दिल्ली

ईरान का 10 अरब डॉलर का दांव, BRICS में लोकल करेंसी पर जोर

ईरान ने BRICS के मंच से 10 अरब डॉलर की संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी का प्रस्ताव दिया, साथ ही सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की मांग रखी।

By अजय त्यागी 1 min read
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन

नई दिल्ली, दिल्ली। ईरान ने BRICS के मंच से 10 अरब डॉलर की संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी बनाने का प्रस्ताव देकर आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश की है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को दिल्ली में BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने BRICS बैंक से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण बढ़ाने की अपील भी की। इसके साथ ही ईरान ने सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया। यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब वैश्विक व्यापार पर भू राजनीतिक तनाव और वित्तीय प्रतिबंधों का दबाव बढ़ा हुआ है।  [1]

बीमा में बड़ा दांव

10 अरब डॉलर की संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी का प्रस्ताव BRICS देशों में बड़े बुनियादी ढांचे और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स से जुड़े जोखिमों को संभालने की दिशा में अहम कदम हो सकता है। पुनर्बीमा व्यवस्था के जरिए बड़े प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सुरक्षा देने की क्षमता बढ़ सकती है और सदस्य देशों के कारोबार को बाहरी संस्थानों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकता है। पेजेशकियन ने BRICS बैंक की भूमिका बढ़ाने की भी बात कही है ताकि बुनियादी ढांचे के लिए ज्यादा वित्त उपलब्ध कराया जा सके। ईरान के लिए यह प्रस्ताव खास मायने रखता है क्योंकि वह लंबे समय से पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण वित्तीय और कारोबारी मुश्किलों से जूझ रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति ने BRICS देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की भी जोरदार वकालत की। इसका मकसद सदस्य देशों के आपसी कारोबार में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर निर्भरता घटाना है। स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ने से भुगतान के कुछ रास्ते आसान हो सकते हैं और प्रतिबंधों से प्रभावित देशों को वैकल्पिक विकल्प मिल सकता है। हालांकि ऐसी व्यवस्था तैयार करना आसान नहीं होगा क्योंकि अलग अलग देशों की मुद्रा नीतियां, भुगतान प्रणालियां और व्यापार संतुलन अलग हैं। फिर भी BRICS में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की चर्चा पिछले कुछ समय से लगातार तेज हुई है।

डॉलर से दूरी का संकेत

ईरान का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब BRICS के भीतर आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाने की कोशिशें तेज हैं। भारत की अध्यक्षता में हो रहे BRICS शिखर सम्मेलन से पहले डिजिटल भुगतान और सीमा पार लेनदेन को आसान बनाने पर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय मुद्राओं में कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि इसे सीधे तौर पर डॉलर को खत्म करने की योजना कहना जल्दबाजी होगी। अलग अलग सदस्य देशों के आर्थिक हित और नीतियां अलग हैं। इसलिए किसी साझा वित्तीय ढांचे को लागू करने में लंबी बातचीत और तकनीकी तैयारी की जरूरत होगी।

अगर 10 अरब डॉलर की संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी का प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो BRICS के भीतर वित्तीय सहयोग का दायरा बढ़ सकता है। इससे ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का रास्ता खुल सकता है। साथ ही स्थानीय मुद्रा में कारोबार बढ़ाने से सदस्य देशों के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत करने की कोशिश को गति मिल सकती है। फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती स्तर पर है और इसकी वास्तविक तस्वीर आगे की बातचीत तथा सदस्य देशों की सहमति से साफ होगी। फिर भी ईरान ने BRICS के मंच से अपने आर्थिक एजेंडे को स्पष्ट तौर पर सामने रख दिया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। 10 अरब डॉलर की पुनर्बीमा कंपनी का प्रस्ताव अभी चर्चा और प्रक्रिया के स्तर पर है इसलिए इसके अंतिम स्वरूप और आर्थिक प्रभाव को भविष्य के फैसलों के आधार पर ही आंका जा सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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