SKMCH लैब ठप होने से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। बिजली गिरने के बाद सर्वर और जांच मशीनें बंद हो गईं और पैथोलॉजी सेवाएं प्रभावित हुईं।
प्रतीकात्मक फोटो
मुजफ्फरपुर, बिहार। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल SKMCH लैब ठप होने से मरीजों की जांच व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। देर रात तेज बारिश के दौरान पैथोलॉजी लैब पर ठनका गिरने से अचानक तेज धमाका हुआ। उस समय ड्यूटी पर मौजूद लैब टेक्नीशियन और कर्मचारी घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए लैब से बाहर निकल गए। स्थिति सामान्य होने के बाद जब कर्मचारी वापस पहुंचे तो बायोकेमिस्ट्री जांच मशीन से जुड़ा कंप्यूटर और विभाग का मुख्य सर्वर बंद मिला। इसके बाद जांच और रिपोर्ट तैयार करने की डिजिटल प्रक्रिया रुक गई। [1]
घटना के बाद लैब में ब्लड सैंपल का डेटा दर्ज नहीं हो सका और जांच रिपोर्ट भी तैयार नहीं हो पाई। सर्वर बंद रहने से पूरी डिजिटल व्यवस्था प्रभावित हुई। डेटा ऑपरेटर राहुल कुमार को देर रात अस्पताल बुलाया गया। उन्होंने सर्वर और सिस्टम को दोबारा चालू करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह तक भी मुख्य सर्वर चालू नहीं हो सका। इसके कारण जांच के लिए आए मरीजों को काफी परेशानी हुई। पैथोलॉजी लैब के बाहर लंबी कतारें लग गईं और दूर दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को अपनी जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
बिजली गिरने के दौरान लैब में मौजूद कर्मचारियों के बीच भी अफरा तफरी मच गई थी। तेज आवाज और अचानक हुए धमाके के बाद कर्मचारी सुरक्षित जगह की ओर भागे। बाद में उपकरणों की स्थिति की जांच की गई तो सर्वर और कुछ महत्वपूर्ण मशीनें काम नहीं कर रही थीं। इस घटना ने अस्पताल की डिजिटल जांच व्यवस्था की तकनीकी निर्भरता को भी सामने ला दिया। मरीजों की जांच और रिपोर्टिंग का काम सर्वर पर निर्भर होने के कारण खराबी का सीधा असर सेवाओं पर पड़ा। अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए व्यवस्था जल्द बहाल करना जरूरी माना जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि खराब हुए उपकरणों और बंद पड़े सिस्टम को ठीक कराने के लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया है। टीम की मदद से सर्वर और जांच मशीनों की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके बाद खराब उपकरणों की मरम्मत या जरूरी हिस्सों को बदलने का फैसला लिया जाएगा। प्रबंधन की कोशिश है कि मरीजों को ज्यादा समय तक परेशानी न हो और पैथोलॉजी सेवाएं जल्द सामान्य की जा सकें। फिलहाल SKMCH लैब ठप होने से जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई है और मरीजों एवं उनके परिजनों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।
SKMCH लैब ठप होने की घटना ने अस्पतालों में बिजली और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत भी सामने ला दी है। खासकर पैथोलॉजी जैसे विभागों में सर्वर और जांच मशीनों की निर्बाध उपलब्धता जरूरी होती है। अचानक बिजली गिरने से हुई इस तकनीकी खराबी ने मरीजों की जांच प्रक्रिया को सीधे प्रभावित किया। अब अस्पताल प्रबंधन का ध्यान उपकरणों को जल्द बहाल करने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत करने पर भी रह सकता है। फिलहाल मरीजों को राहत देने के लिए तकनीकी टीम के जरिए सिस्टम जल्द चालू कराने की कोशिश की जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अस्पताल की जांच सेवाओं और तकनीकी व्यवस्था में बदलाव की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के आगामी अपडेट के अनुसार बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।