मोटिवेशनल

अंगदान से 7 लोगों को जीवन, सैनिक राहुल राजीव की आखिरी सेवा बनी मिसाल

मौत के बाद 7 जिंदगियां बचाने वाले 30 वर्षीय सैनिक राहुल राजीव के अंगदान ने अलग अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद जगा दी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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सैनिक राहुल राजीव

तिरुवनंतपुरम, केरल। मौत के बाद 7 जिंदगियां बचाने वाले भारतीय सेना के जवान राहुल राजीव ने निधन के बाद भी देश और समाज के प्रति सेवा की मिसाल कायम की। केरल के कोल्लम के रहने वाले 30 वर्षीय राहुल राजीव की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ब्रेन डेथ हो गई थी। इसके बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल ने हिमाचल प्रदेश में देश की सेवा की थी। उनके अंग केरल राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के जरिए दान किए गए और कई गंभीर मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली।  [1]

अंगदान से मिली जिंदगी

राहुल राजीव की किडनी, लिवर, हार्ट वाल्व, स्किन और कॉर्निया दान किए गए। उनकी किडनी पुष्पागिरी मेडिकल कॉलेज और तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे मरीजों को दी जानी हैं। लिवर KIMS अस्पताल के एक मरीज को दिया जाएगा। हार्ट वाल्व श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ले जाए गए। वहीं स्किन तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक मरीज के इलाज में इस्तेमाल की जाएगी। कॉर्निया तिरुवनंतपुरम आई अस्पताल भेजे जाएंगे। इस तरह राहुल के अंग कई मरीजों के इलाज में अहम भूमिका निभाएंगे।

राहुल के परिवार ने बेहद कठिन समय में अंगदान की अनुमति देकर मानवीय संवेदना की बड़ी मिसाल पेश की। किसी अपने की मृत्यु का दुख परिवार के लिए बेहद गहरा होता है लेकिन उसी समय लिया गया यह फैसला कई दूसरे परिवारों के लिए उम्मीद बन गया। मौत के बाद 7 जिंदगियां बचाने की यह घटना अंगदान के महत्व को भी सामने लाती है। राहुल के अंगों का इस्तेमाल अलग अलग अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा है। इससे एक बार फिर यह संदेश गया है कि अंगदान से किसी व्यक्ति की जिंदगी खत्म होने के बाद भी उसके अंग दूसरे लोगों के जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं।

ग्रीन कॉरिडोर से मदद

अंगों को समय पर अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए केरल पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया। तिरुवनंतपुरम से तिरुवल्ला तक अंगों को तेजी से पहुंचाने की व्यवस्था की गई ताकि प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में देरी न हो। अंग प्रत्यारोपण में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसीलिए पुलिस तथा चिकित्सा टीमों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी रहता है। राहुल राजीव के मामले में भी ग्रीन कॉरिडोर ने अंगों को तय अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद की। केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीसन ने इस पूरी पहल की सराहना करते हुए पुलिस की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री वी डी सतीसन ने राहुल राजीव के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी करुणा की विरासत हमेशा केरल को प्रेरित करती रहेगी। सैनिक राहुल राजीव ने जिंदगी में देश की सेवा की और उनके निधन के बाद परिवार के फैसले ने कई मरीजों को जीवन की उम्मीद दी। मौत के बाद 7 जिंदगियां बचाने वाली यह घटना सिर्फ अंगदान की कहानी नहीं बल्कि उस सेवा भावना की मिसाल है जो किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी दूसरों के जीवन में उम्मीद छोड़ सकती है। राहुल की कहानी अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया संबंधित अस्पतालों और अधिकृत संस्थाओं की निगरानी में होती है तथा लाभार्थियों की स्थिति समय के साथ बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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