जलझूलनी महोत्सव की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। 22 सितंबर को ठाकुरजी का भव्य नगर भ्रमण होगा और तालाब में जलझूलनी की परंपरा निभाई जाएगी।
प्रतीकात्मक फोटो
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। जलझूलनी महोत्सव की तैयारी नौगांवा स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में जोर शोर से चल रही है। राधा अष्टमी से शुरू होने वाला धार्मिक उत्सव 22 सितंबर को ठाकुरजी के भव्य नगर भ्रमण और नौगांवा तालाब में जलझूलनी की परंपरा के साथ चरम पर पहुंचेगा। मंदिर ट्रस्ट और विभिन्न समितियों के कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मंदिर के संरक्षक डीपी अग्रवाल ने बताया कि 19 सितंबर को राधा अष्टमी पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इससे एक दिन पहले विशाल रात्रि जागरण होगा और श्रद्धालु भजनों के बीच देर रात तक भक्ति में झूमेंगे।
राधा अष्टमी के अवसर पर पंडित रमाकांत शर्मा और प्रेम शर्मा के आचार्यत्व में ठाकुरजी का विशेष दुग्ध अभिषेक किया जाएगा। सुबह 9 बजे पंडित प्रकाश व्यास के सानिध्य में विश्व शांति की कामना से हवन पूजन होगा। इस मौके पर सांवरिया सेठ को चांदी की विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर परिसर में निशुल्क सेंगारी प्रसाद वितरण होगा और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले चकरी भी लगाए जाएंगे।
संयोजक मदन गोपाल कालरा और मदन धाकड़ ने बताया कि 22 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे बेवाण यात्रा मंदिर से नौगांवा तालाब के लिए रवाना होगी। यात्रा में हाथी घोड़े, बैंड बाजे, ढोल नगाड़े और कच्ची घोड़ी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। श्रद्धालु साफा, चुनड़ और धोती कुर्ता पहनकर बेवाण को कंधों पर उठाकर नगर भ्रमण करेंगे। नौगांवा के चारभुजाजी और लक्ष्मीनारायणजी के बेवाण भी इस यात्रा में शामिल होंगे। जलझूलनी महोत्सव की तैयारी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आ रहा है।
सहसंयोजक श्रवण कुमार सेन और सुनील नवाल ने बताया कि बापूनगर के पदयात्रियों की ओर से दर्शनार्थियों के लिए जलपान की व्यवस्था की जाएगी। वहीं नव सांवरिया सेना पुर और नवसेना शिवसेना कार्यकर्ताओं की ओर से विशाल लंगर लगाया जाएगा। आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है। समितियों के कार्यकर्ता लगातार तैयारियों में जुटे हैं ताकि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और नगर भ्रमण से लेकर जलझूलनी की परंपरा तक सभी कार्यक्रम सुचारु रूप से पूरे हो सकें।
मंदिर ट्रस्ट और आयोजन समितियों ने धर्मप्रेमियों से बड़ी संख्या में नौगांवा पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने और धर्मलाभ लेने की अपील की है। जलझूलनी महोत्सव की तैयारी के बीच मंदिर में रोशनी, पूजा व्यवस्था, प्रसाद, लंगर और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े इंतजाम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। 22 सितंबर की बेवाण यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक उत्साह और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। हाथी घोड़ों और बैंड बाजों के साथ निकलने वाला नगर भ्रमण आयोजन को खास बनाएगा और नौगांवा में धार्मिक माहौल को और भव्य रूप देगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और आयोजन से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजन की तिथियां, व्यवस्थाएं और कार्यक्रम आयोजक समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं और इनमें परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।