राजस्थान

21 फीट के गणेशजी के दर्शन को उमड़ते हैं भक्त, मंदिर की खास कहानी 

21 फीट के गणेशजी की विशाल प्रतिमा मंदिर की तीसरी मंजिल की छत पर विराजमान है। गणेश चतुर्थी से पहले रोकड़िया गणेश मंदिर में तैयारियां तेज।

By अजय त्यागी 1 min read
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21 फीट के गणेशजी की विशाल प्रतिमा

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। 21 फीट के गणेशजी की विशाल प्रतिमा भीलवाड़ा के रोकड़िया गणेश मंदिर की सबसे बड़ी पहचान है। आम मंदिरों से अलग यहां भगवान गणेश गर्भगृह में नहीं बल्कि मंदिर की तीसरी मंजिल की छत पर विराजमान हैं। इतनी ऊंचाई पर स्थापित प्रतिमा दूर से ही नजर आती है और गणेश चतुर्थी के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बन जाती है। मंदिर सेवा समिति के सचिव प्रह्लाद कुमार गर्ग के अनुसार करीब वर्ष 2007 में इस विशाल प्रतिमा का निर्माण कराया गया था। गणेश उत्सव नजदीक आने के साथ मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं।

ऐसे बनी विशाल प्रतिमा

21 फीट के गणेशजी की प्रतिमा तैयार करना आसान काम नहीं था। मंदिर की तीसरी मंजिल पर इतनी बड़ी प्रतिमा बनाने की योजना के बाद पहले ओडिशा के एक कलाकार से संपर्क किया गया था। लेकिन तीसरी मंजिल पर प्रतिमा निर्माण की चुनौती को देखते हुए उन्होंने वहां काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पर्वतसर के कलाकार ने मिट्टी से गजानन का स्वरूप तैयार किया। प्रतिमा को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी हरियाणा के कलाकार रमेश भाई ने संभाली। करीब 1 साल की मेहनत के बाद विशाल प्रतिमा तैयार हुई और इसे मंदिर की छत पर स्थापित किया गया।

मंदिर की ऊंचाई पर विराजमान 21 फीट के गणेशजी दूर से ही श्रद्धालुओं का ध्यान खींचते हैं। गणेश उत्सव के दौरान यहां विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। प्रतिमा की भव्यता देखने के लिए राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर आने वाले भक्त भगवान गणेश से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। खास तौर पर संतान प्राप्ति और बिगड़े काम बनने की कामना लेकर लोग यहां मनोकामना धागा बांधते हैं। मान्यता के अनुसार मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु प्रसादी का आयोजन कर आभार जताते हैं।

हिंगलाज माता का धाम

रोकड़िया गणेश मंदिर की खासियत केवल 21 फीट के गणेशजी तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में अलग अलग देवी देवताओं के मंदिर भी बने हुए हैं। इनमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध हिंगलाज माता का मंदिर विशेष आकर्षण है। श्रद्धालु यहां माता के दर्शन कर अपनी मनोकामना मांगते हैं। एक ही परिसर में अलग अलग देवी देवताओं के दर्शन की सुविधा मंदिर को धार्मिक दृष्टि से खास बनाती है। यही वजह है कि यहां आने वाले भक्त गणेशजी के साथ दूसरे देवी देवताओं के दर्शन भी करते हैं और मंदिर परिसर में कुछ समय श्रद्धा के साथ बिताते हैं।

गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही शहर के मंदिरों और गणेश पंडालों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। रोकड़िया गणेश मंदिर में भी उत्सव को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर की अनूठी संरचना और 21 फीट के गणेशजी की विशाल प्रतिमा इसे भीलवाड़ा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अलग पहचान देती है। गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर की भव्यता, अलग वास्तु संरचना और परिसर में मौजूद अन्य देवी देवताओं के मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी पर यहां खास धार्मिक माहौल बनने की संभावना है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और मनोकामना पूरी होने संबंधी दावे श्रद्धालुओं की आस्था पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक या चिकित्सकीय तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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