बांग्लादेश ने भारत से रिश्ते रीसेट करने की बात कही है। नई साझेदारी आपसी हितों पर आधारित होगी। शेख हसीना के मुद्दे के बीच यह अहम संकेत है।
प्रतीकात्मक फोटो
ढाका, बांग्लादेश। बांग्लादेश ने भारत से रिश्ते नए सिरे से तय करने का संकेत दिया है। विदेश राज्य मंत्री हुमायुन कबीर ने कहा कि ढाका ऐसी नई साझेदारी चाहता है जो आपसी हितों पर आधारित हो। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को बहुपक्षीय मंच के बजाय सीधे द्विपक्षीय बातचीत के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कबीर ने संतुलित रिश्तों की जरूरत बताई। यह बयान दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच सामने आया है। [1]
कबीर ने कहा कि बांग्लादेश को भारत को लेकर अत्यधिक निर्भरता वाली सोच से बाहर निकलना होगा। उनके मुताबिक भारत भी दूसरे देशों की तरह एक देश है और ढाका उसके साथ अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आपसी हितों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। साथ ही भारत के साथ संबंधों को बांग्लादेश के दूसरे देशों के साथ व्यापक रिश्तों का हिस्सा बताया। इस बयान से विदेश नीति में संतुलन लाने की कोशिश के संकेत मिलते हैं।
भारत से रिश्ते पिछले कुछ समय से शेख हसीना के भारत में रहने के मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं। हसीना अगस्त 2024 में सरकार से हटने के बाद भारत आ गई थीं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के लिए यह मुद्दा संवेदनशील बना हुआ है। इसके बावजूद कबीर ने नई दिल्ली के साथ अच्छे द्विपक्षीय संबंधों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को भारत के साथ संबंधों को किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। यह रुख रिश्तों को व्यावहारिक दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है।
कबीर का बयान उस घटनाक्रम के बीच आया जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान के भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन में शामिल नहीं होने की चर्चा हुई। ढाका के मुताबिक रहमान को सम्मेलन के लिए सीधे आमंत्रित नहीं किया गया था और निमंत्रण BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर दिया गया था। भारत की ओर से हालांकि रहमान को अलग द्विपक्षीय निमंत्रण दिए जाने की बात सामने आई थी। ऐसे समय में सीधे संवाद पर जोर दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है।
तारीक रहमान 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होने वाले हैं और 26 सितंबर तक वहां रहने की योजना है। कबीर ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना है। भारत से रिश्ते सुधारने की इच्छा फिलहाल सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन शेख हसीना से जुड़े मुद्दे समेत कई सवाल अब भी संवेदनशील हैं। आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देश सीधे बातचीत से मतभेद कितनी तेजी से दूर करते हैं और आपसी हितों पर आधारित नई साझेदारी को कितना आगे बढ़ाते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भारत और बांग्लादेश के संबंधों में आगे होने वाले बदलाव दोनों देशों की सरकारों के आधिकारिक फैसलों और द्विपक्षीय बातचीत पर निर्भर करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।