कायाकल्प अवॉर्ड में सिहोड़ पीएचसी ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। 99.44 प्रतिशत स्कोर के साथ केंद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, ₹2 लाख का पुरस्कार मिले
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोड़
खेतड़ी, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। झुंझुनूं जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोड़ ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2025 26 के कायाकल्प अवॉर्ड जारी किए गए हैं जिसमें सिहोड़ पीएचसी ने 99.44 प्रतिशत स्कोर के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए केंद्र को ₹2 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा। कायाकल्प योजना में स्वच्छता, साफ सफाई, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं जैसे मानकों पर संस्थानों का मूल्यांकन किया जाता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोड़ की इस उपलब्धि को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र ने स्वच्छता और व्यवस्थाओं के साथ मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में किए गए काम के दम पर 99.44 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल किया। कायाकल्प अवॉर्ड के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों का मूल्यांकन कई स्तरों पर किया जाता है और बेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को सम्मान तथा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। ऐसे में सिहोड़ का प्रदेश में पहला स्थान स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. पंकज यादव ने इस सफलता का श्रेय क्षेत्र के ग्रामीणों के सहयोग के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भावना को दिया। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. भंवरलाल शर्मा, आरसीएचओ डॉ. दयानंद और बीसीएमओ डॉ. हरीश यादव के सहयोग का उल्लेख किया। उनके मुताबिक सभी स्तरों से मिले मार्गदर्शन और सहयोग ने केंद्र को बेहतर काम करने के लिए लगातार प्रेरित किया। इसी सामूहिक प्रयास का नतीजा अब प्रदेश स्तर की उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
इस उपलब्धि में बीडीके हॉस्पिटल के डॉ. नावेद और जिला क्वालिटी सेल के सुभाष जी समेत पूरी टीम का भी सहयोग रहा। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से लेकर गुणवत्ता मानकों को पूरा करने तक कई स्तरों पर लगातार काम किया गया। कायाकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ सफाई और संक्रमण नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। इसी वजह से इस तरह की रैंकिंग को केवल पुरस्कार नहीं बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार के प्रोत्साहन के तौर पर भी देखा जाता है।
डॉ. पंकज यादव ने इस सफलता के पीछे सामूहिक प्रयास को सबसे अहम बताया। उनका कहना है कि ग्रामीणों से लेकर चिकित्सकों, अधिकारियों और जिला क्वालिटी सेल तक सभी के सहयोग से यह मुकाम हासिल हुआ है। सिहोड़ पीएचसी की सफलता झुंझुनूं जिले के लिए भी गर्व का विषय बनी है। 99.44 प्रतिशत स्कोर के साथ मिला कायाकल्प अवॉर्ड यह बताता है कि सीमित संसाधनों के बीच भी बेहतर टीमवर्क, साफ सफाई और मरीज केंद्रित व्यवस्थाओं पर लगातार ध्यान दिया जाए तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र प्रदेश स्तर पर मिसाल बन सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्वास्थ्य केंद्र की उपलब्धि और पुरस्कार से संबंधित स्थानीय जानकारी उपलब्ध कराए गए तथ्यों पर आधारित है तथा अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड को प्राथमिक माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।