200 करोड़ की रंगदारी की कथित मांग से दिल्ली में हड़कंप, गोल्डी बराड़ के नाम पर विदेशी नंबर से आई धमकी की पुलिस कर रही गहन जांच।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। 200 करोड़ की रंगदारी की कथित मांग ने दिल्ली में सनसनी फैला दी है। एक महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि विदेशी नंबर से उसे कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बताया। महिला के मुताबिक उससे 200 करोड़ रुपये मांगे गए और धमकी भी दी गई। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस का मुख्य फोकस कॉल करने वाले की पहचान और इस पूरी धमकी के पीछे छिपे मकसद का पता लगाने पर है। [1]
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 200 करोड़ की रंगदारी की मांग करने वाला शख्स वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा था या उसने सिर्फ डर पैदा करने के लिए गोल्डी बराड़ का नाम इस्तेमाल किया। विदेशी नंबर से हुई बातचीत और उससे जुड़े डिजिटल सुराग जांच का अहम हिस्सा हैं। पुलिस कॉल के स्रोत और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है। इतनी बड़ी रकम की मांग सामने आने के बाद जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि आरोपी को महिला और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति से जुड़ी कोई जानकारी पहले से थी या नहीं।
जांच में महिला के पारिवारिक विवाद का पहलू भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसके ससुर की मौत के बाद परिवार में विवाद चल रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस विवाद और कथित धमकी के बीच कोई संबंध है या नहीं। जांचकर्ता यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला को निशाना बनाने के पीछे आर्थिक वजह थी या किसी निजी विवाद का असर। 200 करोड़ की रंगदारी की रकम इतनी बड़ी है कि पुलिस इस मामले में केवल धमकी देने वाले नंबर तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है।
गोल्डी बराड़ का नाम सामने आने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है लेकिन अभी यह साबित नहीं हुआ है कि धमकी सीधे उसकी ओर से दी गई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके नाम का इस्तेमाल किसी ने फर्जी तरीके से तो नहीं किया। विदेशी नंबर और कथित बातचीत से जुड़े तकनीकी साक्ष्य इस जांच में अहम हो सकते हैं। 200 करोड़ की रंगदारी के इस मामले में पुलिस आरोपी की पहचान के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी के पीछे अकेला व्यक्ति था या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी।
मामले में आगे की तस्वीर पुलिस की तकनीकी और आपराधिक जांच से साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल कॉल करने वाले की पहचान, विदेशी नंबर के इस्तेमाल और धमकी के वास्तविक मकसद की पड़ताल जारी है। पुलिस यह भी देख रही है कि गोल्डी बराड़ का नाम केवल भय पैदा करने के लिए लिया गया या इसके पीछे कोई वास्तविक कनेक्शन मौजूद है। 200 करोड़ की रंगदारी की कथित मांग ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका को अंतिम सच मानना उचित नहीं होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और गोल्डी बराड़ के नाम के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य पुलिस जांच और सत्यापन के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।