5100 करोड़ की कमाई सरकारी दफ्तरों में कबाड़ निपटान से हुई है। केंद्र ने स्वच्छता अभियानों के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि लाखों साइटों को कवर किया गया।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। 5100 करोड़ की कमाई सरकारी दफ्तरों में कबाड़ निपटान और स्वच्छता अभियानों के दौरान होने वाली प्रक्रिया से हुई है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि 2021 से अब तक विशेष स्वच्छता अभियानों के जरिए 24.20 लाख से ज्यादा साइटों को कवर किया गया और 180.48 लाख से अधिक फाइलों को हटाया या बंद किया गया। इसी अवधि में कबाड़ की बिक्री से 5102.91 करोड़ रुपये की आय हुई। अकेले अभियान के 5वें चरण में 11.6 लाख साइटों को कवर किया गया और करीब 833.92 करोड़ रुपये की कमाई हुई। अब अभियान के 6वें चरण की तैयारी शुरू की जा रही है। [1]
5100 करोड़ की कमाई केवल कबाड़ बिक्री का आंकड़ा नहीं है, बल्कि केंद्र के विशेष स्वच्छता अभियानों के व्यापक प्रभाव को दिखाती है। सरकारी कार्यालयों में पुराने रिकॉर्ड, अनुपयोगी सामान और अन्य सामग्री हटाने के साथ कार्यालय स्थान खाली करने पर भी जोर दिया गया। अभियान के तहत लाखों फाइलों को हटाया या बंद किया गया, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन और जगह के बेहतर इस्तेमाल की कोशिश हुई। सरकार का उद्देश्य स्वच्छता को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में संस्थागत बनाना है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 24.20 लाख से अधिक साइटों को अभियान में शामिल किया जा चुका है। इससे प्रशासनिक कामकाज में जगह और संसाधनों के उपयोग को लेकर भी सुधार की संभावना बताई गई है।
5100 करोड़ की कमाई के बाद केंद्र अब स्वच्छता अभियान के अगले चरण पर ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अभियान का 6वां चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इससे पहले 16 सितंबर से 30 सितंबर तक तैयारी चरण रखा गया है। इस अवधि में मंत्रालय और विभाग लंबित मामलों की पहचान करेंगे, अभियान स्थल तय करेंगे और रिकॉर्ड तथा स्थान प्रबंधन की योजना तैयार करेंगे। कबाड़ की पहचान और निपटान भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होगा। सरकार की योजना केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यालयों में लंबित काम, रिकॉर्ड प्रबंधन और उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग को भी अभियान से जोड़ने की है।
सरकारी दफ्तरों की सफाई के साथ 5100 करोड़ की कमाई के आंकड़े में कार्यालय स्थान के बेहतर उपयोग का पहलू भी महत्वपूर्ण है। अभियान के 5वें चरण में 233.75 लाख वर्ग फुट से अधिक कार्यालय स्थान खाली होने की जानकारी दी गई। अनुपयोगी रिकॉर्ड और सामान हटने से सरकारी परिसरों में काम करने की जगह बढ़ सकती है। सरकार ने यह भी बताया कि 29.52 लाख फाइलों को अभियान के 5वें चरण में हटाया गया। इससे रिकॉर्ड छंटाई और डिजिटल या व्यवस्थित प्रबंधन की जरूरत भी सामने आती है। यदि हर चरण में पुराने सामान और रिकॉर्ड का नियमित निपटान जारी रहता है तो कार्यालयों में जगह की समस्या और अव्यवस्था दोनों कम हो सकती हैं।
5100 करोड़ की कमाई का आंकड़ा केंद्र के स्वच्छता अभियानों में आर्थिक परिणाम को भी सामने लाता है, लेकिन सरकार अब अगले चरण में प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दे रही है। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार अभियान 6 की तैयारी शुरू हो रही है और 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मुख्य चरण चलेगा। तैयारी अवधि में मंत्रालय और विभाग लंबित मामलों, रिकॉर्ड और कबाड़ की पहचान करेंगे। इसके बाद अभियान के दौरान निपटान और स्थान प्रबंधन पर काम होगा। सरकार के अनुसार इन अभियानों का उद्देश्य स्वच्छता को सरकारी कार्यालयों में स्थायी प्रक्रिया बनाना है। इसलिए 5100 करोड़ की कमाई केवल पिछली उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे जारी रहने वाले अभियान की पृष्ठभूमि भी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। 5100 करोड़ की कमाई का आंकड़ा सरकारी स्वच्छता अभियानों के दौरान कबाड़ निपटान से प्राप्त राजस्व से संबंधित है और आगे के आंकड़े बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।