राजस्थान

बच्चों को सिखाया साइबर ठगी से बचें, लिंक और ओटीपी से रहें बेहद दूर

बच्चों को सिखाया गया कि साइबर ठगी से बचें, फर्जी लिंक, OTP, QR कोड, पासवर्ड और सोशल मीडिया स्कैम से दूर रहें और ठगी पर तुरंत शिकायत भी करें।

By अजय त्यागी 1 min read
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साइबर ठगी पर बच्चों को जागरूक किया

बीकानेर, राजस्थान। साइबर ठगी से बचें, यह संदेश बच्चों के लिए अब सिर्फ सलाह नहीं बल्कि डिजिटल जिंदगी की जरूरी सीख बन गया है। रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स ने रायन इंटरनेशनल स्कूल, पूगल रोड में विद्यार्थियों के लिए साइबर फ्रॉड अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य वक्ता रोटे. अजय चौधरी ने फर्जी लिंक, संदिग्ध मैसेज, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन स्कैम, पासवर्ड चोरी और निजी जानकारी के दुरुपयोग के खतरे समझाए। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, बिना पुष्टि जवाब देने या OTP और पासवर्ड साझा करने से बचना चाहिए।

पहले खतरे समझें

कार्यक्रम में बच्चों को समझाया गया कि मोबाइल, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया जितने उपयोगी हैं, उतने ही सावधानी की मांग भी करते हैं। फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती, मुफ्त कॉइन या गेम रिवॉर्ड के नाम पर लिंक, अचानक पैसे मांगना और संदिग्ध मैसेज ठगी का रास्ता बन सकते हैं। बच्चों से कहा गया कि सोशल मीडिया पर घर का पता, फोन नंबर, स्कूल की पूरी जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज या यात्रा की जानकारी सार्वजनिक न करें। रोटे. भुवनेश स्वामी ने तकनीक को शिक्षा, ज्ञान और रचनात्मक काम में लगाने की सलाह दी।

साइबर ठगी से बचें की सीख के साथ विद्यार्थियों को भुगतान से जुड़े आसान नियम भी बताए गए। किसी बैंक या संस्था के नाम पर फोन आए तो OTP, UPI PIN या पासवर्ड साझा नहीं करना है। पैसे पाने के लिए QR कोड स्कैन करने या PIN डालने की जरूरत नहीं होती। KYC बंद होने जैसे संदेश में दिए लिंक खोलने के बजाय आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से जानकारी जांचनी चाहिए। इंटरनेट से मिले कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूरी है। स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप भी अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड नहीं करना चाहिए।

हमेशा सतर्क रहें 

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि ईमेल, सोशल मीडिया और गेमिंग अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखना बेहतर है। जहां सुविधा हो, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना चाहिए। फेक प्रोफाइल की पहचान के लिए नए अकाउंट, कम गतिविधि, संदिग्ध लिंक और अचानक पैसों की मांग जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। ऑनलाइन गेमिंग में मुफ्त स्किन, कॉइन या अपग्रेड का लालच भी जोखिम बन सकता है। क्लब अध्यक्ष रोटे. इंजी. विपिन लड्ढा ने कहा कि बच्चों का कम उम्र में डिजिटल दुनिया से जुड़ना बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा की समझ देना जरूरी है।

अगर ठगी हो जाए तो घबराने या बात छिपाने के बजाय तुरंत अभिभावक, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना चाहिए। बैंक या संबंधित डिजिटल सेवा को भी फौरन सूचना देना जरूरी है। साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जा सकती है और ऑनलाइन पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल सूचना 1930 पर दी जा सकती है। साइबर ठगी से बचें का सीधा मतलब है जागरूक रहें, संदिग्ध गतिविधि पर रुकें, पुष्टि करें और खतरा दिखे तो तुरंत मदद लें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियां सामान्य जागरूकता के लिए हैं और किसी विशेष साइबर अपराध की स्थिति में संबंधित बैंक, सेवा प्रदाता, पुलिस या अधिकृत साइबर अपराध तंत्र से तत्काल संपर्क करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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