भीलवाड़ा में 11 से 20 अक्टूबर तक अग्रसेन जयंती महोत्सव का रंग दिखेगा। 10 दिनों में सामाजिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों के साथ दशहरा मेला आकर्षण बनेगा।
अग्रसेन जयंती मेला समीक्षा बैठक
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। अग्रसेन जयंती मेला इस बार भी शहर में उत्सव, एकजुटता और सामाजिक सहभागिता का बड़ा मंच बनने जा रहा है। श्री अग्रवाल समाज संपत्ति ट्रस्ट की ओर से 10 दिवसीय अग्रसेन जयंती महोत्सव का आयोजन 11 अक्टूबर से किया जाएगा, जिसका समापन 20 अक्टूबर को भव्य दशहरा मेले के साथ होगा। आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। अग्रवाल उत्सव भवन में महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों के विशेष कार्ड का विमोचन किया गया। इस दौरान समाजबंधुओं को पूरे 10 दिनों के सामाजिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई गई। 2026 में अग्रसेन जयंती 11 अक्टूबर को है और 20 अक्टूबर को विजयदशमी होगी।
अग्रसेन जयंती मेला को लेकर समाज के अलग अलग संगठनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम में ट्रस्ट अध्यक्ष पवन खेमका, सचिव मुकेश अग्रवाल, नवयुवक मंडल अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, सचिव वेंकटेश गोयल, धीरज अग्रवाल और महिला मंडल अध्यक्ष रितु नागोरी सहित विभिन्न जोन समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अग्रवाल नवयुवक मंडल, महिला मंडल, आदर्श सेवा समिति और बायोडाटा समिति के पदाधिकारियों ने भी आयोजन को लेकर अपनी सहभागिता दिखाई। ट्रस्ट की कोशिश है कि महोत्सव में समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो और अलग अलग आयु वर्ग के लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने तथा एक दूसरे से जुड़ने का अवसर मिले।
महोत्सव को केवल जयंती कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे सामाजिक मेलजोल और सामूहिक सहभागिता का अवसर बनाने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार 10 दिनों तक विविध सामाजिक, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियां होंगी, जिनसे बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समाज की तैयारियों में डिजिटल प्रचार को भी खास जगह दी गई है। जल्द ही ई पत्रिका के माध्यम से सभी कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाएगा। इससे लोगों को कार्यक्रमों की जानकारी समय पर मिलेगी और परिवार सहित भागीदारी का माहौल तैयार होगा।
ट्रस्ट अध्यक्ष पवन खेमका ने महाराजा अग्रसेन जयंती को समाज के लिए स्वाभिमान, गौरव और उत्सव का प्रतीक बताया। उन्होंने अग्रबंधुओं से परिवार सहित सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उनका कहना है कि समाज की एकजुटता, ऊर्जा और सहभागिता से इस बार का आयोजन यादगार बनाया जा सकता है। अग्रसेन जयंती मेला इसी सामूहिक भावना को सामने लाने का अवसर होगा। कार्यक्रमों की जानकारी डिजिटल माध्यम से पहुंचने के बाद परिवारों के लिए अपनी सुविधा के अनुसार अलग अलग आयोजनों में शामिल होना आसान होगा और इससे महोत्सव की पहुंच भी व्यापक होने की उम्मीद है।
20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर होने वाला भव्य दशहरा मेला 10 दिवसीय आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इससे पहले 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के जरिए पूरे महोत्सव में लगातार उत्सवी माहौल बनाए रखने की तैयारी है। समिति से जुड़े पदाधिकारी और विभिन्न मंडलों के कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। आयोजन के जरिए सामाजिक मेलजोल, सांस्कृतिक सहभागिता और सामूहिक पहचान को मजबूत करने पर जोर रहेगा। अग्रसेन जयंती मेला अब सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि समाज के परिवारों को एक मंच पर जोड़ने वाला बड़ा सामुदायिक आयोजन बनकर सामने आने की तैयारी में है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। महोत्सव के कार्यक्रमों और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं में समिति की आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव हैं और अंतिम जानकारी के लिए आयोजकों द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।