केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल कर लिया है।
शहजाद भट्टी - फाइल फोटो
नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई के तहत केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) के प्रावधानों का उपयोग करते हुए पाकिस्तान स्थित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (SBN) को आधिकारिक रूप से एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। सरकार की ओर से उठाए गए इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य देश विरोधी गतिविधियों और सीमा पार से संचालित होने वाले आपराधिक व आतंकवादी षड्यंत्रों पर पूरी तरह से नकेल कसना है। [1]
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संगठन भारत की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा था, जिसके चलते इसे इस विशेष कानून के दायरे में लाया गया है। जांच एजेंसियों के पास पुख्ता इनपुट थे कि यह नेटवर्क भारत के विभिन्न हिस्सों में असामाजिक तत्वों, युवाओं और आपराधिक सिंडिकेट के जरिए हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा था। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाकर इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया और इसके वित्तीय और साजो-सामान के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में निर्णायक पहल की है।
सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट से यह बात भी सामने आई थी कि यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के इशारे पर भारत के भीतर नापाक हरकतों को अंजाम देने की फिराक में था। इस आतंकवादी संगठन के बैन होने से अब इसके स्लीपर सेल और मददगारों पर केंद्रीय एजेंसियों की सीधी और कड़ी नजर रहेगी, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क देश के भीतर युवाओं को बरगलाने, हवाला चैनलों के जरिए धन जुटाने और लक्षित हिंसा को बढ़ावा देने जैसी वारदातों में संलिप्त पाया गया था। सुरक्षाबलों और दिल्ली पुलिस सहित अन्य जांच एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में इस मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया था, जिनकी निशानदेही पर यह बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लिया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई से साफ है कि भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी संगठन या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर उनके खिलाफ सबसे कठोर सजा सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम से देश के भीतर राष्ट्रविरोधी ताकतों के मनोबल को तगड़ा झटका लगा है और खुफिया एजेंसियों को ऐसे तत्वों का पूरी तरह सफाया करने में और मदद मिलेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी मामलों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।