राष्ट्रीय

अरब सागर में भारतीय नौसेना के जहाज के साथ पाकिस्तानी पोत की टक्कर

अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के साथ पाकिस्तान के एक नौसैनिक जहाज की टक्कर होने के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एक अत्यंत संवेदनशील और सामरिक घटना सामने आई है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अरब सागर में रूटीन निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के पास पाकिस्तान का एक नौसैनिक जहाज तेज गति से आया और उसने अत्यंत असुरक्षित तथा लापरवाह तरीके से पैंतरेबाजी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों जहाजों के बीच अचानक टक्कर हो गई। इस घटना के बाद से कूटनीतिक और रक्षा गलियारों में हलचल तेज हो गई है।  [1]

कूटनीतिक कार्रवाई

इस गंभीर घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्च आयोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया और उनके समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समुद्र में पाकिस्तानी नौसेना की इकाइयों का यह गैर-पेशेवर व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यद्यपि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई इस अप्रत्याशित घटना से भारतीय नौसेना के बेड़े को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा है, फिर भी भारत ने इस सुरक्षा उल्लंघन को अत्यंत गंभीरता से लिया है।

भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी राजनयिक को यह भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे अपने देश के संबंधित सैन्य अधिकारियों तक यह संदेश पहुँचाएं कि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकतों की पुनरावृत्ति कतई न हो। इसके साथ ही, इस्लामाबाद में स्थित भारतीय मिशन के राजनयिक को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष इसी तरह का कड़ा विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

संधि का उल्लंघन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की यह हरकत अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास तथा सैनिकों की आवाजाही के संदर्भ में हुए पूर्व सूचना समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है। इस द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत दोनों देशों को किसी भी प्रकार की नौसैनिक गतिविधियों से पहले एक-दूसरे को अग्रिम सूचना देनी होती है और अत्यधिक करीब क्षेत्र में बड़े युद्धाभ्यास करने से पूरी तरह बचना होता है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत से टकराने की इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें क्षेत्रीय शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। भारत की ओर से उठाए गए इस कड़े कदम से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि देश की समुद्री सीमाओं और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रयास को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इसका कूटनीतिक स्तर पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों और रक्षा मामलों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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