राजस्थान

मुख्यमंत्री का एआई जनित डीपफेक वीडियो बनाने वाला राजस्थान से अरेस्ट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का एआई जनित डीपफेक वीडियो बनाकर वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

अलवर, राजस्थान। तकनीकी के बढ़ते दुरुपयोग और साइबर अपराधों के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ताजा मामला दक्षिण भारत से सामने आया है जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का गलत इस्तेमाल करके एक गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का एक भ्रामक और फर्जी डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल किया जा रहा था, जिसके जरिए आम जनता को आर्थिक रूप से ठगने की गहरी साजिश रची जा रही थी। इस आपत्तिजनक गतिविधि का संज्ञान लेते हुए राज्य की साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है।  [1]

साइबर सेल जांच

तमिलनाडु अपराध शाखा की सीआईडी साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन गतिविधियों की नियमित निगरानी के दौरान इस आपत्तिजनक और फर्जी वीडियो को सबसे पहले पकड़ा। शुरुआती तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि इस डीपफेक वीडियो में हिंदी भाषा की ऑडियो का इस्तेमाल किया गया था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को आसानी से भ्रमित किया जा सके। वीडियो के माध्यम से आम नागरिकों को यह लालच दिया जा रहा था कि वे वित्तीय सहायता पाने के लिए एक विशेष व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करें, जिसका मुख्य उद्देश्य सीधे तौर पर सीधे-साधे लोगों को आर्थिक धोखाधड़ी के जाल में फंसाना था।

पड़ताल के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों और विभिन्न इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से संपर्क करके इस प्रकार की सभी फर्जी डिजिटल सामग्री के डेटा को खंगाला और उन्हें तुरंत हटवाया। इस सिलसिले में औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामले को पंजीकृत किया। शुरुआती डिजिटल साक्ष्यों से यह भी पता चला कि इस प्रकार के शातिर षड्यंत्रों के जरिए केवल तमिलनाडु ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश और देश के अन्य राज्यों के कई नागरिक भी ठगी का शिकार बनाए जा चुके हैं।

राजस्थान से गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी की दो विशेष टीमों का गठन किया गया जिन्हें तकनीकी सुरागों के आधार पर तुरंत रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान इन विशेष टीमों ने राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से मुख्य आरोपी शायबू खान को धर दबोचा। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक मुख्य सीपीयू भी बरामद किया गया है जिसका इस्तेमाल इस प्रकार के फर्जी वीडियो तैयार करने और फैलाने में किया जाता था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर चेन्नई लाया गया जहाँ उसे अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

डीपफेक वीडियो के इस पूरे सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह आरोपी अकेले ही इस गिरोह को चला रहा था या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हाथ है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं जिनके तार पाकिस्तान से संचालित होने वाले कुछ संदिग्ध फेसबुक खातों से जुड़ रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स और जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रेल के आधार पर विदेशी कड़ियों को भी खंगाल रही हैं ताकि इस संगठित साइबर अपराध में शामिल अन्य चेहरों को भी जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर अपराध और तकनीकी धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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