भीलवाड़ा में इंजीनियर्स वेलफेयर सोसायटी ने इंजीनियर्स डे को सामान्य उत्सव नहीं बल्कि वृद्धाश्रम में सेवा कार्य और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया।
इंजीनियर्स डे मनाया
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। इंजीनियरिंग को आमतौर पर तकनीक, नवाचार और विकास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन जब तकनीकी दक्षता के साथ संवेदना और सेवा का भाव जुड़ जाता है तो पेशे की सामाजिक भूमिका और अधिक व्यापक हो जाती है। इसी सोच को पूरी तरह साकार करते हुए इंजीनियर्स वेलफेयर सोसायटी, भीलवाड़ा ने इस बार इंजीनियर्स डे को महज किसी सामान्य उत्सव तक सीमित न रखते हुए पूरी तरह से सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया। इस विशेष दिन की शुरुआत शहर के एक वृद्धाश्रम में सेवा कार्य से हुई, जबकि शाम के समय सूचना केंद्र में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सदस्यों और उनके परिवारजनों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
दिन की शुरुआत में सोसायटी के सभी समर्पित सदस्य वृद्धाश्रम पहुंचे जहाँ उन्होंने बुजुर्गों की सुधि ली और उन्हें अपने हाथों से भरपेट भोजन कराया। इसके अलावा, आश्रम में रह रहे वृद्धजनों को फल और नेपकिन जैसी आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। सदस्यों ने वृद्धजनों के साथ काफी समय बिताया और उनके साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके सुख-दुख को साझा किया। इस पूरे सेवा कार्य के दौरान एक गहरा अपनत्व और बुजुर्गों के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से नजर आया, और सदस्यों ने बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
वृद्धाश्रम में सेवा कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद, शाम को शहर के सूचना केंद्र में इंजीनियर्स डे का एक विशेष और आकर्षक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिससे पूरा हॉल रोशन हो गया। कार्यक्रम स्थल के परिसर में बनाई गई बेहद आकर्षक रंगोली ने इस पूरे आयोजन की गरिमा और सुंदरता में चार चांद लगा दिए। सोसायटी के सभी सदस्य अपने-अपने परिवारजनों के साथ इस समारोह में पहुँचे और एक-दूसरे को गले मिलकर इंजीनियर्स डे की आत्मीय शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष अनूप सोमानी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर्स देश और समाज के तीव्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना भी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी मुख्य उद्देश्य के तहत सोसायटी ने इस बार इंजीनियर्स डे को केवल एक उत्सव के रूप में नहीं मनाया, बल्कि इसे पूरी तरह से सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता से जोड़कर एक नया और अनूठा उदाहरण पेश किया है।
इंजीनियर्स डे का यह पूरा आयोजन सुबह के समय वृद्धाश्रम की अनमोल सेवा से शुरू होकर शाम को दीप प्रज्ज्वलन के साथ एक सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से भरे वातावरण में संपन्न हुआ। इस संपूर्ण आयोजन ने तकनीक और मानवीय संवेदना के बीच के सुंदर समन्वय का एक बेहतरीन संदेश समाज को दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान अजोय सिंहा, मनोज गर्ग, पीयूष जैन, प्रवीण पारख, पंकज अग्रवाल, कमलेश्वर अँछारा, आबिद हुसैन, विनोद वाली, उमेश ओझा, अनिता सोमानी, सीमा गुप्ता, साशी वाली, आरती अंसरा तथा रेखा गर्ग सहित सोसायटी के तमाम सदस्य और उनके परिवारजन अपनी उपस्थिति दर्ज कराते नजर आए।
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