डिजिटल अर्थव्यवस्था के कराधान को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इस पर बहुत ही ठंडे दिमाग से और गहराई के साथ अध्ययन करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में संबोधित करती वित्त मंत्री
नई दिल्ली, दिल्ली। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल अर्थव्यवस्था के कराधान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका यह कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था पर कर लगाने जैसे जटिल और संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी करने के बजाय बहुत ही ठंडे दिमाग से और गहराई के साथ अध्ययन करना बेहद आवश्यक है। डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े इन तमाम आर्थिक पहलुओं पर सरकार पैनी नजर बनाए हुए है ताकि देश के व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर इसका कोई भी बुरा प्रभाव न पड़े। [1]
आज के समय में पूरी दुनिया में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से फैल रही है और इसके नियम कायदों को तय करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। वित्त मंत्री का यह भी मानना है कि इस क्षेत्र में कर प्रणालियों को लागू करने से पहले वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों और तकनीकी विकास को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते दायरे को देखते हुए जानकारों का ऐसा कहना है कि इस पर नीतिगत फैसले बहुत ही सावधानी के साथ लिए जाने चाहिए ताकि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से बना रहे।
तकनीक आधारित कारोबार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस दौर में कराधान के नियमों को लेकर तमाम देशों के बीच लगातार विचार-विमर्श का दौर जारी है। भारत जैसे बड़े देश में जहां डिजिटल लेनदेन और तकनीकी आधारित व्यापार बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहां इस दिशा में कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले हर पहलू पर विचार करना जरूरी है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना भी एक बड़ा दायित्व है जिसे बहुत ही संतुलित तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
देश के तमाम आर्थिक विशेषज्ञों और कारोबारियों ने वित्त मंत्री के इस संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण की काफी सराहना की है क्योंकि इससे अनिश्चितता का माहौल खत्म होता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी हितधारकों से चर्चा करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए ताकि किसी को भी परेशानी न हो। डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को तय करने वाले इन नीतिगत निर्णयों पर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की वित्तीय संस्थाओं की निगाहें टिकी हुई हैं।
आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था पर कराधान को लेकर किस तरह की नई और प्रभावी नीतियां देश के सामने लेकर आती है। वित्त मंत्री के इस स्पष्ट बयान के बाद यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि सरकार बिना किसी जल्दबाजी के बहुत ही सोच-समझकर और दूरदर्शिता के साथ कदम उठा रही है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस बढ़ते सफर में देश के आर्थिक हितों की रक्षा करना ही सबसे सर्वोपरि लक्ष्य है जिस पर सरकार लगातार पूरी मुस्तैदी और गंभीरता के साथ काम कर रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आर्थिक और वित्तीय नीतियों से जुड़े मामलों के लिए पाठकों को आधिकारिक स्रोतों की जानकारी का उपयोग करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।